Chardham Yatra 2026 News : चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब! टूटा 2013 आपदा से पहले का रिकॉर्ड, यमुनोत्री में एक दिन में पहुंचे सबसे ज्यादा श्रद्धालु

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Char Dham Yatra ने इस वर्ष आस्था के नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। यात्रा शुरू होने के केवल एक महीने में 16.43 लाख से अधिक श्रद्धालु Kedarnath Temple, Badrinath Temple, Yamunotri Temple और Gangotri Temple के दर्शन कर चुके हैं। बढ़ती भीड़ से स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बड़ा लाभ मिल रहा है।

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 10:38 AM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 10:38 AM IST

Chardham Yatra 2026 News / Credit : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • एक महीने में 16.43 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
  • केदारनाथ में सबसे अधिक 6.65 लाख से ज्यादा भक्त पहुंचे।
  • यात्रा से स्थानीय व्यापारियों और रोजगार को बड़ा फायदा हो रहा है।

नई दिल्ली : Chardham Yatra 2026 News एक महीने पहले शुरू हुई चारधाम यात्रा ने अब बड़ी रफ्तार पकड़ ली है। देश और विदेश से आ रहे भक्तों का उत्साह सातवें आसमान पर है और यात्रा के हर रास्ते पर भारी रौनक दिखाई दे रही है। महज एक महीने के भीतर ही कुल 16.43 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।

इतने हज़ारों भक्तों ने किया दर्शन

चारों धामों में भक्तों की संख्या लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रही है। अब तक सबसे ज्यादा केदारनाथ धाम में 6,65,140 श्रद्धालु पहुंचे हैं, जबकि बदरीनाथ में 4,28,973, यमुनोत्री में 2,78,411 और गंगोत्री में 2,70,658 यात्रियों ने दर्शन किए हैं। इस सोमवार को यमुनोत्री में 16 हजार से अधिक भक्त पहुंचे, जो यमुनोत्री यात्रा के इतिहास में एक दिन का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।

Kedarnath tourist count monthly हर दिन 28 से 30 हजार यात्री

केदारनाथ में भी हर दिन 28 से 30 हजार यात्री आ रहे हैं, जबकि साल 2013 की आपदा से पहले पूरे सीजन में भी यहाँ छह लाख लोग नहीं पहुँच पाते थे। बदरीनाथ में भी सोमवार को 21 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे, जिससे भारत के पहले गांव माणा, गुप्तकाशी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे पड़ावों पर भारी भीड़ उमड़ रही है।

स्थानीय रोजगार को मिल रहा बड़ा फायदा

यात्रियों की संख्या बढ़ने से स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के चेहरे खिल गए हैं। यमुनोत्री के पैदल रास्ते पर अब तक 23 हजार से ज्यादा यात्रियों ने घोड़े-खच्चर, 18 हजार से अधिक ने डंडी और 7 हजार से ज्यादा लोगों ने कंडी का इस्तेमाल किया है, जिससे इन्हें चलाने वालों को अच्छी कमाई हो रही है। रास्ते में खुले स्वयं सहायता समूहों के स्टालों पर भी अच्छी बिक्री हो रही है, जिससे स्थानीय रोजगार को बड़ा फायदा मिल रहा है।

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