UP News/Photo Credit: IBC24
UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय लोक दल (Rashtriya Lok Dal) के प्रमुख जयंत चौधरी अब बीजेपी के साथ हैं। उन्होंने (UP News) 2027 का चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ने का प्लान बनाया है। लेकिन यह गठबंधन जहां एक ओर मजबूती दे रहा है, वहीं दूसरी ओर सीट बंटवारे को लेकर बीजेपी के लिए नई चुनौती खड़ी कर रहा है।
गठबंधन के चलते पश्चिमी यूपी (UP News) में बीजेपी के कई मौजूदा विधायकों की सीट पर संकट के गहराने लगें है। जयंत चौधरी की पार्टी से सीट बंटवारे के बाद बीजेपी को अपने एक दर्जन से ज्यादा सिटिंग विधायकों की सीट देनी पड़ सकती है?
बता दें 2022 में जयंत चौधरी सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़े (UP News) थे और आरएलडी 8 सीटें जीती थी। एक सीट उपचुनाव में जीतकर कुल संख्या 9 हो गई। आरएलडी के एक बड़े नेता ने कहा कि 2027 चुनाव में 35 सीट से कम पर पार्टी समझौता नहीं करेगी। लेकिन बीजेपी आरएलडी को ज्यादा से ज्यादा 15 से 18 सीटें देने की मूड में नजर आ रही है।
2022 में आरएलडी ने शामली जिले में शामली और थाना भवन, मुजफ्फरनगर जिले के बुढ़ाना, पुरकाजी और मीरापुर, बागपत की छपरौली, हाथरस की सादाबाद और मेरठ की सिवालखास सहित आठ सीटों पर जीती थी. इसके बाद आरएलडी ने मुजफ्फरनगर की खतौली सीट जीती थी।
आरएलडी की प्लानिंग अपनी कब्जे वाली 9 सीटों पर चुनाव लड़ने के साथ-साथ बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर, बिजनौर, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, अमरोहा, हाथरस नोएडा और आगरा जिले की सीटों पर चुनाव लड़ने की है (UP News)। जिसके चलते बीजेपी के कई मौजूदा विधायकों की सीट पर खतरा मंडरा सकता है।
2012 से 2017 तक आरएलडी से विधायक रहे सुदेश शर्मा मुरादनगर की सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में क्या डॉ. मंजू शिवाच के लिए अपनी टिकट बच पाएंगे। इसके अलावा हस्तिनापुर और सरधना की सीट पर भी जयंत चौधरी की नजर है (UP News)।