Manoj Tiwary viral video: टिकट के लिए इतने करोड़ मांग रहे थे TMC नेता, ममता सरकार में खेल मंत्री रहे इस नेता ने खोली पोल, कहा- नहीं था चाय और बिस्किट खाने के अलावा कोई काम

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Manoj Tiwary viral video: टिकट के लिए इतने करोड़ मांग रहे थे TMC नेता, ममता सरकार में खेल मंत्री रहे इस नेता ने खोली पोल, कहा- नहीं था चाय और बिस्किट खाने के अलावा कोई काम

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  • Publish Date - May 6, 2026 / 08:27 PM IST,
    Updated On - May 6, 2026 / 08:27 PM IST

Manoj Tiwary viral video/Image Source : ANI

Manoj Tiwary viral video: पश्चिम बंगाल चुनाव में TMC को हार मिली है, बीजेपी ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर प्रचंड जीत दर्ज की है, कुल 293 विधानसभा सीटों में से भाजपा ने 206 सीटें जीती हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने 80 सींटों पर ही सिमट कर रह गई। इसी बीच पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने TMC नेता और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास पर बड़े आरोप लगाए है। पिछले पाँच सालों में मेरे काम में रुकावटें डाली गईं। पूर्व खेल मंत्री ने कहा कि यह सरकार झूठे वादों पर टिकी हुई थी। उसी दिन मुझे यह एहसास हो गया था कि यह सरकार ज़्यादा दिनों तक नहीं चलेगी।

पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री मनोज तिवारी कहते हैं, इस वीडियो में, मैं यह बताना चाहता हूँ कि पिछले पाँच सालों में मेरे काम में किस तरह रुकावटें डाली गईं। मैं यह बात सबके साथ शेयर करना चाहता हूँ। अरूप बिस्वास (TMC नेता और पूर्व मंत्री) ने मुझे काम करने से रोका। मैं खेल जगत से आता हूँ और खेलों के लिए बहुत कुछ करना चाहता था। खेल विभाग में, मेरे पास चाय और बिस्किट खाने के अलावा कोई काम नहीं था। मुझे किसी भी कार्यक्रम में नहीं बुलाया जाता था। डूरंड कप के दौरान मैं मैदान पर मौजूद था, फिर भी मुझे नहीं बुलाया गया, क्योंकि अरूप बिस्वास मेरी लोकप्रियता को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे थे। बार-बार होने वाले अपमान की वजह से मैं मेसी के कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ। मुझे लगा कि कुछ बहुत बुरा होने वाला है।

आपने देखा ही होगा कि अरूप बिस्वास की वजह से राज्य के सभी खेल प्रेमियों को शर्मिंदा होना पड़ा। अरूप बिस्वास की वजह से ही मेसी 5-10 मिनट के अंदर ही कार्यक्रम छोड़कर चले गए। आप अंदाज़ा लगा सकते हैं कि पिछले पाँच सालों में खेल विभाग में मुझे किन-किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा होगा… मैं बस इतना कहना चाहता हूँ कि भगवान जो कुछ भी करते हैं, वह अच्छे के लिए ही करते हैं। यह संकीर्ण सोच वाली सरकार अब सत्ता से हट गई है। इन्होंने जनता के लिए नहीं, बल्कि सिर्फ़ अपने लिए काम किया। शिवपुर के लिए बहुत कुछ किया जाना बाकी था, जिसके बारे में मैंने बार-बार समझाने की कोशिश की; यहाँ तक कि कैबिनेट की बैठकों में भी मैंने इस मुद्दे पर अपनी आवाज़ उठाई।

एक दिन, जब मैंने मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया, तो उन्होंने मेरे मुँह पर ही कह दिया, “क्या मेरे पास करने के लिए और कोई काम नहीं है?” मैंने जो कुछ भी कहना चाहा, उसे समझाने के लिए उन्होंने मुझे 20 सेकंड का समय भी नहीं दिया। यह सरकार झूठे वादों पर टिकी हुई थी। उसी दिन मुझे यह एहसास हो गया था कि यह सरकार ज़्यादा दिनों तक नहीं चलेगी।”

 

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