Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में छिपा था करोड़ों का खजाना, नक्सलियों के सीक्रेट डंप से मिले इतने नोट… देख अफसर भी हो गए हैरान, जानिए और क्या मिला?

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Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के इस जंगल में छिपा था करोड़ों का खजाना, नक्सलियों के सीक्रेट डंप से मिले इतने नोट... देख अफसर भी हो गए हैरान, जानिए और क्या मिला?

Narayanpur Naxal Operation/Image- AI Generated

HIGHLIGHTS
  • नारायणपुर में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गुप्त ठिकाने से करीब 1 करोड़ रुपये नकद बरामद किए
  • बरामद रकम में बड़ी संख्या में 2000 रुपये के गुलाबी नोट भी शामिल हैं
  • सरेंडर नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई

Narayanpur Naxal Operation: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है, जहां जवानों ने जंगलों में छिपाए गए नक्सलियों के सीक्रेट खजाने का पर्दाफाश किया है। सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई इस कार्रवाई में करीब 1 करोड़ रुपये नकद और हथियारों का जखीरा बरामद किया गया है।

2000 के गुलाबी नोट भी मिले

इस बरामदगी की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इसमें बड़ी संख्या में 2000 रुपये के गुलाबी नोट भी मिले हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के मुताबिक, ये डंप अलग-अलग समय में बनाए गए थे, जिनमें कुछ हालिया तो कुछ 4 से 6 साल पुराने हैं।

आईजी ने कहा कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि नक्सली नोटबंदी या बाद में 2000 के नोट वापस लेने की समय सीमा के दौरान इन नोटों को बदल नहीं पाए थे, और इन्हें जंगलों में ही छुपा कर रख दिया था। फिलहाल बरामद राशि की गिनती और कानूनी प्रक्रिया जारी है। वहीं, पुलिस अब सरेंडर नक्सलियों से मिले इन सुरागों के आधार पर अन्य गुप्त ठिकानों पर भी नजर बनाए हुए है।

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नारायणपुर में सुरक्षाबलों को क्या सफलता मिली?

सुरक्षाबलों ने जंगलों में छिपाए गए नक्सलियों के गुप्त डंप से करीब 1 करोड़ रुपये नकद और हथियार बरामद किए हैं।

इस कार्रवाई का सुराग कैसे मिला?

यह कार्रवाई सरेंडर कर चुके नक्सलियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई।

बरामद राशि में क्या खास मिला?

बरामद नकदी में बड़ी संख्या में 2000 रुपये के गुलाबी नोट मिले हैं, जिनकी कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

नक्सली इन नोटों का इस्तेमाल क्यों नहीं कर पाए?

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नोटबंदी और बाद में 2000 रुपये के नोट वापस लेने की समय सीमा के दौरान नक्सली इन्हें बदल नहीं पाए थे।

क्या आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी?

हाँ, पुलिस और सुरक्षाबल अब अन्य गुप्त ठिकानों की तलाश में अभियान जारी रखे हुए हैं।