Vande Bharat : महिला आरक्षण…लोकसभा में भीषण ‘रण’, नारी शक्ति वंदन पर पीएम मोदी की गारंटी, रिजर्वेशन की राह में क्या ‘परिसीमन’ बन रहा रोड़ा?

Ads

महिला आरक्षण बिल पर पीएम मोदी के ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’ वाले बयान से सियासत गरमा गई है। जहां सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष परिसीमन और जनगणना को लेकर सवाल उठा रहा है।

  •  
  • Publish Date - April 17, 2026 / 12:00 AM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 12:00 AM IST

Vande Bharat / credit : FILE

HIGHLIGHTS
  • पीएम मोदी का विपक्ष को ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’ ऑफर
  • महिला आरक्षण बिल पर संसद से सड़क तक सियासी घमासान
  • विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना को लेकर सरकार पर उठाए सवाल

नई दिल्ली : Vande Bharat  महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद से लेकर सड़क तक सियासी घमासान तेज है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को क्रेडिट का ब्लैंक चेक थमा दिया है, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने परिसीमन और जनगणना के बहाने सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर पीएम ने ऐसा क्यों कहा कि विरोध करने वालों को कभी माफी नहीं मिली? महिला आरक्षण बिल यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। पीएम ने दो टूक कहा है कि जिसने भी इस अधिकार का विरोध किया, जनता ने उसका हाल बुरा कर दिया और उन्हें कभी माफी नहीं मिली।

ऐतिहासिक कदम का नहीं चाहिए क्रेडिट

पीएम मोदी ने साफ कर दिया कि उन्हें इस ऐतिहासिक कदम का क्रेडिट नहीं चाहिए। उन्होंने सदन में कहा- “मैं आपको क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं। पीएम ने यहां तक कह दिया कि बिल पारित होने के बाद वे विज्ञापनों में विपक्ष की फोटो छपवा देंगे, बस इस शुभ काम में अड़ंगा न डाला जाए।

विपक्ष को गारंटी पर नहीं है भरोसा

लेकिन विपक्ष इस ‘गारंटी’ पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। कांग्रेस ने सीधा सवाल दागा है कि जब नया सेंसस यानी जनगणना होने वाली है, तो इसे परिसीमन से जोड़कर देरी क्यों की जा रही है? वहीं समाजवादी पार्टी के सांसदों ने इसे भाजपा का ‘चुनावी एजेंडा’ बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। अब देखना ये होगा कि ‘प्रायश्चित’ और ‘अधिकार’ की इस लड़ाई में क्या विपक्ष ‘क्रेडिट का ब्लैंक चेक’ स्वीकार करेगा या फिर परिसीमन का ये मुद्दा 2026 के सियासी मैदान में और गरमाएगा।

इन्हें भी पढ़ें :

पीएम मोदी ने ‘ब्लैंक चेक’ से क्या मतलब बताया?

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बिल का श्रेय नहीं चाहिए और विपक्ष चाहे तो पूरा क्रेडिट ले सकता है, बस बिल का विरोध न किया जाए।

विपक्ष इस बिल का विरोध क्यों कर रहा है?

विपक्ष का कहना है कि परिसीमन और जनगणना के मुद्दे को जोड़कर इस बिल को लागू करने में देरी की जा रही है।

इस मुद्दे पर आगे क्या हो सकता है?

संभावना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनावों में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है, क्योंकि दोनों पक्ष इसे लेकर आक्रामक रुख अपना रहे हैं।