भरतपुर: Bharatpur News: राजस्थान की भरतपुर पुलिस में चार सौ की ठगी छवि के मामले में मास्टरमाइंड को पकड़ा है जो कि इस ठगी का मुख्य आरोपी भी है।आरोपी से पूछताछ में कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये हैं।विदेशी साइबर फ्रॉड के संपर्क में होने के साथ ही कम्बोडिया में रहकर उसके साथी कंपनी का टेक्निकल काम देखते थे।
Rajasthan News: आईजी राहुल प्रकाश ने बताया कि 4 सौ करोड़ की ठगी के मामले में 6 गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब भरतपुर पुलिस ने इस गैंग के सरगना रोहित दुबे को भी गिरतार कर लिया है। इस ठगी में मुख्य आरोपी शशि सिंह और रोहित दुबे हैं। आरोपी मिर्जापुर में अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। अपनी पत्नी के मोबाइल के वाईफाई से टेलीग्राम को यूज कर रहा था। उसने अपने लैपटॉप और मोबाइल को नदी में फेंक दिए है।
Rajasthan News: जानकारी में सामने आया है कि रोहित और शशि ने करीब 25 कंपनियां फर्जी डायरेक्टर बनाकर खोली थी। जिसमें से 16 कंपनियां फर्जी थी। 16 कंपनियों के माध्यम से ही आरोपी साइबर फ्रॉड कर रहे थे। उन रुपयों को दूसरी कंपनी के अकाउंट में ट्रांसफर कर रहे थे। आरोपियों के विदेश पार्टनर भी हैं। उन्हें आरोपी टेक्निकल टीम कहते हैं। वह कम्बोडिया से ऑपरेट कर रहे हैं। मुख्य आरोपी रोहित और शशिकांत ही पूरे साइबर फ्रॉड को हैंडल करते थे। दोनों आरोपी सिम लाकर देते थे और अपने साथियों से मीटिंग भी करते थे। दोनों आरोपी करीब 7 बार कम्बोडिया गए हैं।
यह मामला एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़ा है, जिसमें ₹400 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी की गई। आरोपी फर्जी कंपनियों के ज़रिए लोगों को ठगते थे।
"रोहित दुबे कौन है और इसमें उसकी भूमिका क्या है?"
रोहित दुबे इस ठगी का मुख्य मास्टरमाइंड है जो कम्बोडिया में मौजूद अपनी तकनीकी टीम की मदद से पूरे फ्रॉड को संचालित कर रहा था।
"इस साइबर फ्रॉड में कितनी कंपनियां शामिल थीं?"
आरोपियों ने करीब 25 कंपनियां बनाई थीं, जिनमें से 16 फर्जी कंपनियों का उपयोग ठगी के लिए किया गया।
"क्या आरोपी के विदेशी संपर्क भी हैं?"
हाँ, आरोपी के विदेशी साथी कम्बोडिया में हैं जो इस गिरोह की टेक्निकल टीम के रूप में काम करते थे और नेटवर्क को ऑपरेट करते थे।
"400 करोड़ की ठगी" से जुड़ी जानकारी कहां से मिल सकती है?
"भरतपुर साइबर ठगी", "400 crore fraud case Rajasthan", या "Rohit Dubey cyber fraud" जैसे कीवर्ड्स से आप इस केस से जुड़ी अपडेट समाचार पोर्टलों और पुलिस प्रेस रिलीज़ के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।