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Shri Narayana Hospital Raipur News: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित श्री नारायणा हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने एक जटिल और बेहद गंभीर मामले में युवक की दाहिनी बाँह कटने से बचाकर बड़ी चिकित्सकीय सफलता हासिल की है। यह मामला एक गंभीर सड़क हादसे के बाद अस्पताल पहुंचा, जिसमें युवक की ह्यूमरस हड्डी बुरी तरह टूटकर बाहर निकल आई थी और घाव अत्यधिक दूषित अवस्था में था। साथ ही उसकी मुख्य रेडियल आर्टरी और नसें भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं, जिससे स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी और बाँह काटने की नौबत तक आ गई थी।
डॉ नीरज पांडे (प्लास्टिक एवं रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन) और ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों की टीम ने मिलकर तुरंत मरीज का उपचार शुरू किया। सबसे पहले घाव की गहन सफाई (डिब्राइडमेंट) की गई और हड्डी को स्थिर करने के लिए नेलिंग तकनीक का उपयोग किया गया। इसके बाद संक्रमण से बचाव और तेजी से घाव भरने के लिए VAC (Vacuum Assisted Closure) तकनीक अपनाई गई। स्थिति को सुधारने के लिए मरीज की पीठ से Latissimus Dorsi Musculocutaneous Flap लेकर प्रभावित हिस्से पर सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया।
इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार देखने को मिला और उसकी बाँह को काटने की आवश्यकता टल गई। डॉक्टरों के अनुसार मरीज की बाँह की कार्य क्षमता वापस आने की पूरी संभावना है। यह उपचार आधुनिक चिकित्सा तकनीक और विशेषज्ञ टीमवर्क का उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है।
हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ सुनील खेमका ने बताया कि ऐसे गंभीर मामलों में उनकी टीम 24×7 आधुनिक तकनीक के साथ काम करती है, ताकि मरीजों को महानगरों में जाने की आवश्यकता न पड़े। इस सफल उपचार ने एक बार फिर श्री नारायणा हॉस्पिटल की चिकित्सा क्षमता और विश्वसनीयता को साबित किया है।