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MP Soubhagya Singh News: भोपाल: भोपाल से बड़ी खबर सामने आई है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को दरकिनार करते हुए एक वरिष्ठ नेता के पदभार ग्रहण समारोह में भव्य काफिले का नजारा देखने को मिला। जानकारी के अनुसार, सौभाग्य सिंह ने पाठ्य पुस्तक निगम के अध्यक्ष पद का पदभार ग्रहण किया, लेकिन इस दौरान वे करीब 500 से अधिक गाड़ियों के काफिले के साथ पहुंचे।
बताया जा रहा है कि यह काफिला उज्जैन से भोपाल तक पहुंचा, जहां रास्ते में जगह-जगह उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक और वाहन शामिल रहे, जिससे सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति भी बनी रही। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशभर में डीजल और पेट्रोल की किल्लत को देखते हुए वर्क फ्रॉम होम अपनाने और गाड़ियों के कम उपयोग की अपील की थी, लेकिन इस आयोजन में उसकी अनदेखी साफ देखने को मिली।
बताते चलें कि, हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति संकट को देखते हुए देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे पेट्रोलियम उत्पादों का संयमित उपयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ईंधन का समझदारी से उपयोग करना न केवल आर्थिक दृष्टि से जरूरी है, बल्कि यह देश के राष्ट्रीय हित से भी जुड़ा हुआ है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि आयातित पेट्रोलियम उत्पादों पर भारत की निर्भरता कम करने के लिए हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
तेलंगाना में लगभग 9,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं के डिजिटल माध्यम से शिलान्यास और उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री ने यह बात कही। उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां संभव हो वहां निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। मेट्रो सेवा वाले शहरों में मेट्रो यात्रा को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई। इसके साथ ही उन्होंने कारपूलिंग को बढ़ावा देने की बात भी कही, जिससे ईंधन की खपत को कम किया जा सके। प्रधानमंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि EV का अधिक उपयोग भविष्य की दिशा तय करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम मॉडल को फिर से अपनाने का सुझाव भी दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित को देखते हुए ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अनावश्यक यात्रा से बचा जा सके और विदेशी मुद्रा की बचत हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि गैर-जरूरी विदेश यात्राओं को कुछ समय के लिए टालना चाहिए, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। इसके अलावा उन्होंने विदेशों में शादियों और छुट्टियों पर बढ़ते खर्च को लेकर भी चिंता जताई और मध्यम वर्ग से संयम बरतने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि भारत ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। इसके साथ ही पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण और सीएनजी के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार एलपीजी कवरेज के बाद अब गैस पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करने पर काम कर रही है, जिससे ऊर्जा की किफायती और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित हो सके। पीएम मोदी ने विश्वास जताया कि भारत वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना कर रहा है और ‘सुधार और विकास’ के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।