ED on rajeev bharwan funding case, image source: ibc24
रायपुर: ED on Rajiv bhawan funding case, नगरीय निकाय चुनाव निपटते ही ED छत्तीसगढ़ में एक बार फिर से एक्शन में आ गई है । ED ने आज सुकमा और कोटा में बने राजीव भवन के फंडिंग की जानकारी के लिए कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गेंदू को बुलाया तो इसको लेकर एक बार फिर से आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया ।
आपको बता दें कि 2 दिन पहले ED ने राजीव भवन में दबिश देकर सुकमा और कोंटा में बने राजीव भवन की फंडिंग और अन्य जानकारी के लिए कांग्रेस के पदाधिकारी को ED के दफ्तर तलब किया । आज प्रदेश के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ED के सवालों का जवाब देने उसके दफ्तर पहुंचे । जहां उन्हें 7 घंटे से अधिक समय तक बैठाकर रखा गया । कांग्रेस ने ED की इस कार्रवाई के विरोध में ED दफ्तर के सामने नारेबाजी शुरू कर दी और धरने पर बैठ गए ।
ED on Rajiv bhawan funding case, इधर इस पर सियासी बयान बाजी भी शुरू हो चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है कि ध्यान भटकाने ED कार्यवाही कर रही है । ED, IT का काम कांग्रेस को बदनाम करना है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो ED BJP कार्यालयों में जाकर दिखाए । पूर्व मंत्री उमेश पटेल ने BJP विधायकों को कहा कि मेरे पास 5 दिन के लिए तोता रहेगा तो सबको अंदर कर दूंगा ।
इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस आखिर ED से इतना डर क्यों रही है?अगर कांग्रेस को लगता है कि कुछ नहीं किए तो डरें मत। ED तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही होगी ।
वहीं पीसीसी चीफ दीपक बैज के कांग्रेस हार की जवाबदारी केवल मेरी नहीं कहने पर कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि PCC चीफ के साथ साथ भूपेश बघेल पर भी प्रश्न उठना चाहिए। सभी माल-पानी अभी भूपेश बघेल के पास ही है। कांग्रेस के लोग सारा माल समुद्र पार और नीचे रखे हुए हैं। बहुत सारे तहखाने की चाबी भूपेश बघेल के पास ही है।
ED on rajeev bharwan funding case, आबकारी घोटाले को लेकर जिस तरह से ED एक्टिव नजर आ रही है, उसे ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कांग्रेस के और बड़े नेताओं पर शिकंजा कस सकता है। इस बात की आशंका से कांग्रेसी ED और भाजपा पर हमला बोल रहे हैं।