रायपुर: Raipur News: पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर की पत्नी भावना तोमर को गिरफ्तार किया है। भावना तोमर शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी की संचालक है जिसके माध्यम से वह जमीन की खरीदी-बिक्री किया करती थी।
Tomar Brothers Case: पुलिस जांच में सामने आया है कि भावना ने एक पीड़ित से पहले 3 लाख रुपये उधारी दी थी और इसके बदले जगुआर कार को गिरवी के रूप में अपने पास रख लिया था लेकिन बाद में 10 लाख रुपये की जबरन मांग की जाने लगी।
पीड़ित दुर्ग निवासी मनोज वर्मा ने जब ब्याज का पैसा नहीं दिया तो कार जबरन छीन ली गई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दबिश देकर भावना को हिरासत में लिया। इस दौरान एक जगुआर कार, दो मोबाइल फोन, बड़ी संख्या में स्टांप पेपर, एग्रीमेंट और ब्लैंक चेक जब्त किए गए हैं।
Tomar Brothers Case: जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने फरारी से पहले उक्त कार को एक गैरेज में छिपाकर रखा था। पुलिस ने कार को उसी गैरेज से जब्त किया है। एसएसपी रायपुर ने भावना की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।
पुरानी बस्ती थाना पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और भावना से पूछताछ की जा रही है। वहीं, फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर और उसके भाईयों की तलाश जारी है।
भावना तोमर कौन हैं और "शुभकामना वेंचर्स" कंपनी का क्या संबंध है इस केस से?
भावना तोमर रायपुर के फरार हिस्ट्रीशीटर रोहित सिंह तोमर की पत्नी हैं। वह "शुभकामना वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड" की संचालक हैं, जो जमीन की खरीद-बिक्री का कार्य करती है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस कंपनी के माध्यम से ही आर्थिक ठगी और जबरन वसूली का नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
इस केस में "जगुआर कार" का क्या रोल है?
पीड़ित मनोज वर्मा ने भावना तोमर से 3 लाख रुपये उधार लिए थे और इसके बदले अपनी जगुआर कार भावना को गिरवी दी थी। बाद में भावना और उसके साथियों ने जबरन 10 लाख रुपये की मांग की और पैसा न देने पर कार को कब्जे में ले लिया गया।
क्या "भावना तोमर गिरफ्तार" होने के बाद कोई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?
इस समय केवल भावना तोमर को गिरफ्तार किया गया है। उनके पति रोहित सिंह तोमर और उसके भाई अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और आने वाले दिनों में कार्रवाई हो सकती है।
"भावना तोमर केस" में किन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है?
यह मामला आर्थिक ठगी, ब्लैकमेलिंग, जबरन वसूली और आपराधिक षड्यंत्र जैसी गंभीर धाराओं के अंतर्गत दर्ज किया गया है। पुलिस की जांच के बाद धाराएं और बढ़ाई भी जा सकती हैं।
क्या "शुभकामना वेंचर्स रायपुर" जैसी कंपनियों के खिलाफ आम जनता को सतर्क रहना चाहिए?
जी हां, पुलिस ने नागरिकों को जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी कंपनियों के साथ लेन-देन करते समय पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि किसी भी लेन-देन से पहले कंपनी की वैधता की जांच जरूर करें।