भोपाल। 20 फीट गहरे सीवेज चैंबर में हुई इंजीनियर और मजदूर की मौत के मामले में नगर निगम कमिश्नर केवीएस चौधरी कोलसानी ने संभागायुक्त और निगम प्रशासक गुलशन बामरा को रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इंजीनियर और मजदूर बिना सुरक्षा इक्युमेंट्स के सीवरेज टैंक के अंदर उतरे थे।
गुजरात की अंकिता कंट्रक्शन कंपनी ने इन्हें इक्युमेंट्स दिए ही नहीं थे। वहीं लापरवाही की वजह से ही दोनों ही जान चली गई। इसके बाद संभागायुक्त ने यह रिपोर्ट नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह को सौंपी। रिपोर्ट मिलते ही मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने पुलिस कमिश्नर मकरंद देउस्कर को लेटर लिखकर कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अपराधिक गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
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साथ ही कहा है कि कंपनी दोनों मृतकों को परिजनों को 10-10 लाख रुपए का मुआवजा दे। अंकिता कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध पैनाल्टी लगाई जाए। मंत्री सिंह ने पत्र में लिखा है कि कंपनी ने झाबुआ निवासी भारत सिंह को काम पर रखा था, जो कि नाबालिग है। हालांकि, पुलिस को नाबालिग जैसे तथ्य नहीं मिले हैं। उम्र के लिए पुलिस दस्तावेज मिलने के बाद ही पुष्टि कर सकेगी। पुलिस ने भारत सिंह की उम्र करीब 22 साल बताई है। जबकि पिता का कहना है कि भारत सिंह कक्षा 11वीं का छात्र था। वह पढ़ाई के लिए किताबें खरीदने के लिए आया था। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है।