Bhopal Irani Dera Case | Photo Credit: IBC24
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के ईरानी डेरे (Bhopal Irani Dera Case) मामले में जमानत पर बाहर आए 14 आरोपियों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि इन आरोपियों को फर्जी तरीके से जमानत दिलाई गई, जिसमें दो मृत व्यक्तियों को जमानतदार के रूप में पेश किया गया था। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो इन सभी की जमानत खारिज हो सकती है।
Bhopal News जानकारी के अनुसार, जिन व्यक्तियों को जमानतदार बनाया गया, उनकी दो साल पहले ही मृत्यु हो चुकी थी, इसके बावजूद दस्तावेजों में उन्हें जीवित दर्शाकर कोर्ट में पेश किया गया। इसी आधार पर आरोपियों को जमानत मिली थी। गौरतलब है कि ईरानी डेरे में हुई बड़ी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने महीनों की प्लानिंग के बाद 400 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम के साथ छापेमारी की थी।
कार्रवाई में 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 22 पुरुष और 10 महिलाएं शामिल थीं। सभी के खिलाफ अलग-अलग आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि जमानत के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। मामले की रिपोर्ट कोर्ट में पेश होने के बाद आरोपियों की जमानत निरस्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस और अभियोजन पक्ष पूरे मामले की दोबारा गहन जांच कर रहा है।