शह-मात The Big Debate: ‘नक्सल समर्थन का खेल’.. शाह के निशाने पर बघेल! कांग्रेस ने भी किया पलटवार, आखिर माओवाद को प्रश्रय किसने दिया?

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'नक्सल समर्थन का खेल'.. शाह के निशाने पर बघेल! कांग्रेस ने भी किया पलटवार! Amit Shah's statement on Naxal issue

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  • Publish Date - February 9, 2026 / 11:43 PM IST,
    Updated On - February 10, 2026 / 12:08 AM IST

Amit Shah Statement

रायपुरः Amit Shah Statement  क्या कांग्रेस ने नक्सलवाद को पाला-पोसा? प्रश्रय दिया? दरअसल ये आरोप बीजेपी के बड़े नेता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का है। अपने तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर नक्सलवाद को प्रश्रय देने का आरोप लगाकर प्रदेश की सियासत गर्मा दी। जाहिर है कांग्रेस ने पूरी ताकत लगातक इस बयान को खारिज किया। इसे जीरम कांड के शहीद कांग्रेसियों का अपमान बताया है। याद दिलाया है कि ये वही केंद्रीय मंत्री शाह हैं जिन्होंने स्वयं पिछली कांग्रेस सरकार के दौर में नक्सलवाद को लेकर किया जा रहे कामों की तारीफ की थीं।

एक तरफ बस्तर पंडुम के मंच से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हुंकार भरते हुए नए बस्तर में पुरातन आदिवासी संस्कृति के सबसे बड़े आयोजन की खुलकर तारीफ की तो वहीं दूसरी तरफ रविवार को रायपुर में कहा कि पिछली भूपेश बघेल सरकार ने नक्सलवाद को प्रश्रय दिया। शाह की बात को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि कांग्रेस जब-जब सत्ता में आई, तब-तब आतंकियों-नक्सलियों को संरक्षण मिला। मंत्री जी ने दावा किया कि देश के गृहमंत्री शाह का नक्सलवाद के खात्में का संकल्प 31 मार्च से पहले ही पूरा हो जाएगा।

नक्सलवाद को खात्मे से पहले छिड़ी बहस

Amit Shah Statement  इधर, शाह का आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस ने घोर आपत्ति जाहिर की। पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने कहा कि शाह का बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना है, ये झीरम कांड के शहीदों का अपमान है। मंत्री डहरिया ने 15 साल के रमन काल का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस सरकार के दौर में नक्सलवाद को लेकर किए काम का ही परिणाम है कि आज नक्सलवाद सफाए की ओर है। कुल मिलाकर एक बार फिर 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को खात्मे से पहले इसका श्रेय किसका इस पर बहस छिड़ी हुई है। नक्सल उन्मूलन में कांग्रेस अपनी सरकार की नीतियों की तारीफ करती है तो बीजेपी कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाते हुए इसका पूरा श्रेय केंद्र-राज्य की डबल इंजन सरकार को दे रही है..सवाल है क्या कांग्रेस ने किसी नक्सली को प्रशय दिया है या फिर ये महज सियासी आरोप है?

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