MP Excise Department Revenue: मोहन यादव सरकार की आबकारी नीति से भरेगा मध्यप्रदेश का सरकारी खजाना, पिछले साल के मुकाबले इस साल होगी 9.5% ज्यादा आय, जानिए कितने करोड़ का है टारगेट

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MP Excise Department Revenue: मोहन यादव सरकार की आबकारी नीति से भरेगा मध्यप्रदेश का सरकारी खजाना, पिछले साल के मुकाबले इस साल होगी 9.5% ज्यादा आय, जानिए कितने करोड़ का है टारगेट

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 10:16 AM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 10:16 AM IST

MP Excise Department Revenue: मोहन यादव सरकार की आबकारी नीति से भरेगा मध्यप्रदेश का सरकारी खजाना, पिछले साल के मुकाबले इस साल होगी 9.5% ज्यादा आय / Image: IBC24 Customized

HIGHLIGHTS
  • 3553 मदिरा दुकानों से 18676.80 करोड़ का रेवेन्यू तय
  • एक्साइज कलेक्शन 20481.80 करोड़ तक पहुंचने की संभावना
  • मंत्रि-परिषद समिति ने टेंडर और ऑफर प्रक्रिया में अहम बदलाव किए

भोपाल: MP Excise Department Revenue आबकारी नीति के प्रावधानों के चलते प्रदेश में सभी 3553 शराब की सभी दुकानों की बिक्री हो गई हैं। इन दुकानों से 18676.80 करोड़ कुल रेवेन्यू प्राप्त होगा। यह पिछले साल की सालाना वैल्यू से 12.33% ज़्यादा है। दूसरे सोर्स से अनुमानित इनकम 1775 करोड़ रुपए होगी। यह दुकानों से प्राप्त कुल रेवेन्यू का 9.5% है। इन दुकानों की बिक्री से एक्साइज डिपार्टमेंट से अनुमानित रेवेन्यू कलेक्शन 20481.80 करोड़ रुपए होगा। वित्त विभाग द्वारा तय टारगेट 20279 करोड़ रुपए है।

आबकारी नीति होगी बंपर आय

MP Excise Department Revenue उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी नीति के निर्धारण एवं संबंधित विषयों पर निर्णय लेने एवं आगामी वर्षों के लिये सुझाव देने मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया गया है। मदिरा दुकानों/ समूहों पर प्राप्त ऑफर पर निर्णय लेने मंत्रि-परिषद समिति की बैठक दिनांक 18-04-2026 को उप मुख्यमंत्री, वाणिज्यिक कर विभाग की अध्यक्षता में बुलाई गई थी। बैठक में आबकारी विभाग द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के लिये मदिरा दुकानों/ समूहों के मंत्रि-परिषद समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि-

आबकारी नीति पर मंत्रिमंडल के फैसले

  • 1. दिनांक 18.04.2026 को 24वें चरण में आरक्षित मूल्य से अधिकतम 65 प्रतिशत तक कम के ऑफर प्राप्त हुए हैं एवं उक्त दुकानों/समूहों के लिए पूर्व में 10वें चरण (दिनांक 31.03.2026) एवं 11वें चरण (दिनांक 01.04.2026) तथा 21वें चरण (दिनांक 15.04.2026) में प्राप्त ऑफर भी होल्ड पर रखे गये हैं। दुकान/समूह के लिए 24वें चरण में प्राप्त ऑफर और पूर्व से होल्ड ऑफर में प्राप्त मूल्य की तुलना आबकारी नीति में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किये जाने और उक्त दोनों में से जो भी उच्च ऑफर है, उसे स्वीकार किया जाता है।
  • 2. 10वें चरण (दिनांक 31.03.2026) एवं 11वें चरण (दिनांक 01.04.2026) तथा 21वें चरण (दिनांक 15.04.2026) में प्राप्त कतिपय ऑफर होल्ड पर रखेजाने के उपरांत कालांतर में स्वीकृत किए गए हैं। टेण्डर ऑफर की टेण्डर अवधि एवं टेण्डर ऑफर स्वीकृत किये जाने के दिनांक/अवधि में भिन्नता होने की स्थिति में इस अवधि की वार्षिक मूल्य में छूट की अनुमति संबंधी राजपत्र की पुनर्निष्पादन संबंधी कण्डिका क्रमांक 38.8 के अनुरूप कलेक्टर को अधिकृत किया जाता है।
  • 3. मदिरा दुकानों के 10वें एवं 11 वें तथा 21 वेंचरण में प्राप्त उच्चतम ऑफर को आगामी चरणके लिए होल्ड पर रखते हुए, निष्पादन से शेष मदिरा दुकानों के लिए ई-टेंडर के माध्यम से ऑफर प्राप्त करने हेतु आगामी चरण में BOQ में न्यूनतम ऑफर का कोई बंधन नहीं रखा जाए।

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MP में कुल कितनी शराब दुकानों की बिक्री हुई है?

प्रदेश में कुल 3553 शराब दुकानों की बिक्री पूरी हो चुकी है।

इन दुकानों से कितना रेवेन्यू मिलने का अनुमान है?

इनसे लगभग 18676.80 करोड़ रुपए का रेवेन्यू प्राप्त होगा।

कुल एक्साइज रेवेन्यू कितना रहने का अनुमान है?

कुल अनुमानित रेवेन्यू 20481.80 करोड़ रुपए है, जो तय लक्ष्य 20279 करोड़ से अधिक है।

आबकारी नीति 2026-27 में क्या खास है?

नई नीति में टेंडर प्रक्रिया में लचीलापन और उच्चतम ऑफर को प्राथमिकता देने जैसे निर्णय शामिल हैं।

अन्य स्रोतों से कितनी आय होने का अनुमान है?

दूसरे स्रोतों से करीब 1775 करोड़ रुपए की आय होने का अनुमान है, जो कुल रेवेन्यू का 9.5% है।