MP Madarsa Conversion/Image Source: IBC24
भोपाल : MP News: राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो एक शिकायत के आधार पर दावा कर रहे हैं कि मध्य प्रदेश के 27 मदरसों में तक़रीबन साढ़े पांच सौ बच्चों के मतांतरण की तैयारी की जा रही है। सरल शब्दों में कहें तो हिंदू बच्चों को बरगलाया जा रहा है। इसे धर्मांतरण का पहला चरण माना जा रहा है। IBC 24 ने शिकायत में उल्लिखित मुरैना जिले के एक गांव, खड़ियार, में जाकर इस मामले की पड़ताल की। महाकाल लिखी हुई शर्ट पहने तनु नामदेव नाम की एक बच्ची इस बात की पुष्टि करती है कि आरोपों में कितना दम है। MP Madarsa Conversion
मदरसा का काम मज़हबी तालीम देना है।
हिन्दू बच्चों को इस्लामिक तालीम देना अवैध है,यह पाप है। मदरसा स्कूल नहीं है,मदरसा चलाना मुल्ला- मौलानाओं का काम है यह सरकार का काम नहीं है। pic.twitter.com/nXvkKfJKcn— प्रियंक कानूनगो Priyank Kanoongo (@KanoongoPriyank) September 30, 2025
MP Madarsa Conversion: इतना ही नहीं वहां जो शिक्षिका हमें मिलीं वे कुलीन हिंदू जाति से ब्राह्मण हैं। उनका भी कहना है कि भले ही आयशा मदरसा इस्लामिक स्कूल के नाम से यह संस्था संचालित हो रही है लेकिन यहां दीनी तालीम नहीं दी जाती बल्कि हिंदी और अंग्रेज़ी जैसे विषय पढ़ाए जाते हैं। देश का दुर्भाग्य है कि पहला शिक्षा मंत्री हमें शिक्षाविद नहीं, बल्कि मौलाना मिला मदरसा चलाना सरकार का काम है मौलानाओं का नहीं। जब ऐसी कोई रिपोर्ट जांच के लिए सरकार के पास भेजी जाती है तो हिंदूवादी छवि वाले नेता सबसे पहले बयानबाज़ी के लिए सामने आ जाते हैं। भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा ऐसे नेताओं में अग्रणी हैं। वे मीडिया के सामने आए और कहा कि ऐसे सभी मदरसों पर ताले लगाए जाएंगे। क्या परिस्थितियां हैं कितने बच्चे पढ़ रहे हैं, कौन मौलवी डरा या प्रलोभन देकर शिक्षा दे रहा है ऐसे मदरसे मध्य प्रदेश में कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।
MP Madarsa Conversion: सवाल ये उठता है कि क्या वाकई आसान है ऐसे धर्मांतरण क्या बच्चे सिर्फ स्कूल दूर होने के कारण ऐसे मदरसों में जाते हैं जो नज़दीक हैं और स्कूल की तरह संचालित, सवाल ये भी है कि जब इस मामले की तकरीबन दो महीने पहले ही कलक्टर के निर्देश पर जांच हो चुकी है तो अब प्रियंक कानून गो ने सरकार से जांच को क्या कहा? सवाल ये भी कि क्या मदरसों को विधिवत शिक्षा देने की पात्रता है? यदि नहीं तो वे क्यूँ मदरसों को स्कूल बनाकर चला रहे हैं?क्या सरकार से मिलने वाले अनुदान की मदद से मदरसे प्राइवेट स्कूलों में कन्वर्ट हो गए हैं? और सबसे बड़ा सवाल ये कि शिक्षा देना भी कोई गुनाह है क्या?