भोपाल: MP News: राज्य सरकार ने जल संकट से निपटने और कृषि के लिए स्थायी जल स्रोत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत प्रदेशभर में एक लाख कुओं को पुनर्भरण (Recharge) करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान विशेष रूप से रबी की फसलों की सिंचाई में मददगार साबित होगा।
MP News: सरकार ने भूजल पुनर्भरण के लिए ‘डगवेल रिचार्ज विधि’ को अपनाने का निर्णय लिया है। इस तकनीक के तहत वर्षा जल को रिचार्ज पिट या फ़िल्टर सिस्टम के माध्यम से कुओं में प्रवाहित किया जाता है, जिससे भूजल स्तर में प्राकृतिक रूप से वृद्धि होती है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं। यह विधि न केवल भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक है, बल्कि लंबे समय तक पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित करती है।
इन कुओं का होगा चयन, कृषि क्षेत्र को होगा सीधा लाभ
MP News: इस योजना के अंतर्गत उन कुओं का चयन किया जाएगा जिनका जल स्तर 10 मीटर से अधिक गहराई पर हो, जो बरसात के बाद दिसंबर-जनवरी तक जल युक्त रहते हैं, मनरेगा योजना के तहत निर्मित कपिलधारा कुएं भी इस योजना में सम्मिलित किए जा सकते हैं। यह योजना विशेष रूप से ग्रामीण और कृषि प्रधान क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो सकती है। कुओं का रिचार्ज होने से किसानों को रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा और सूखे की समस्या से भी राहत मिलेगी।
MP News: सरकार का उद्देश्य इस अभियान को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखते हुए, इसे जन-आंदोलन का रूप देना है। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी, पंचायतों की भूमिका और स्थानीय संसाधनों के उपयोग से यह अभियान एक स्थायी समाधान बन सकता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान मध्य प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य राज्यभर में एक लाख कुओं को रिचार्ज कर भूजल स्तर को सुधारना और कृषि के लिए स्थायी जल स्रोत सुनिश्चित करना है।
जल गंगा संवर्धन अभियान में कौन-कौन से कुएं शामिल किए जाएंगे?
इस अभियान में वे कुएं चुने जाएंगे जिनका जल स्तर 10 मीटर से अधिक है और जो बारिश के बाद दिसंबर-जनवरी तक जल युक्त रहते हैं। मनरेगा के तहत बने कपिलधारा कुएं भी योजना में सम्मिलित किए जा सकते हैं।
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कौन-सी तकनीक अपनाई जा रही है?
अभियान में डगवेल रिचार्ज विधि अपनाई गई है, जिसमें वर्षा जल को रिचार्ज पिट या फिल्टर के माध्यम से कुओं में प्रवाहित किया जाता है, जिससे भूजल स्तर बढ़ता है।
जल गंगा संवर्धन अभियान का किसानों को क्या लाभ होगा?
इस अभियान से रबी फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे किसानों की फसल उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और सूखे की समस्या से राहत मिलेगी।
जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने में आम लोगों की क्या भूमिका है?
सरकार इसे जन-आंदोलन का रूप देना चाहती है। ग्रामीणों, पंचायतों और स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान की सफलता की कुंजी होगी।