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भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से बीत दिन एक बड़ी खबर सामने आई। खबर भोपाल के बैरागढ़ रेलवे स्टेशन से आई जहां रेलवे चेकिंग के दौरान पटना-इंदौर एक्सप्रेस में लगभग दो बैग में 331 दुर्लभ भारतीय टेंट टर्टल बरामद किए गए। वहीं, इस मामले पर एक बड़ा अपडेट आया है।
भोपाल के बैरागढ़ स्टेशन पर मंगलवार को आरपीएफ (रेलवे पुलिस) और स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की संयुक्त कार्रवाई में एक बड़े जंगली जीवन संरक्षण मामले का खुलासा हुआ। रेलवे चेकिंग के दौरान पटना-इंदौर एक्सप्रेस में आरोपी अजय सिंह राजपूत के पास लगभग दो बैग में 331 दुर्लभ भारतीय टेंट टर्टल बरामद किए गए।
आरपीएफ की जांच में सामने आया है कि आरोपी अजय सिंह, जो इंदौर का रहने वाला है और एसी कोच अटेंडर के रूप में कार्यरत था, उसके पास से लखनऊ से मिले दो बैग बरामद किए गए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि इन बैगों में से एक की सप्लाई देवास और दूसरे की इंदौर में की जानी थी। आरपीएफ फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और लखनऊ से जुड़े संपर्कों के साथ-साथ डिलीवरी पॉइंट्स की भी जांच की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर तलाशी ली गई थी, जिसमें ये दोनों बैग मिले थे, जिनमें बड़ी संख्या में कछुए पाए गए। मामले में आगे की जांच जारी है।
बीते दिन यह बात भी सामने आई की, आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार, आरोपी अजय सिंह राजपूत रेलवे में A1 कोच का अटेंडर है। उसे स्टेशन पर संदिग्ध रूप से बैग लेकर यात्रा करते देख रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान बैग में इतनी बड़ी संख्या में दुर्लभ कछुए मिलने से आरपीएफ और वन विभाग के अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ जारी है और आरोपी से यह जानकारी लेने का प्रयास किया जा रहा है कि ये कछुए कहां से लाए गए और किसको तस्करी के लिए बेचे जाने वाले थे।
इंडियन टेंट टर्टल प्रजाति के कछुए जंगली जीवन संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित हैं। इनकी तस्करी अक्सर दवा बनाने और मांस के लिए की जाती है। दुर्लभ प्रजाति होने के कारण इसकी अवैध तस्करी गंभीर अपराध माना जाता है। वन विभाग और टाइगर स्ट्राइक फोर्स इस मामले में पूरी गहनता से जांच कर रही है और आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।