मुख्यमंत्री यादव ने मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर उनकी राजनीतिक यात्रा की सराहना की

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मुख्यमंत्री यादव ने मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर उनकी राजनीतिक यात्रा की सराहना की

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 12:23 AM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 12:23 AM IST

भोपाल, 16 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उल्लेखनीय राजनीतिक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा और प्रभाव अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचा है।

मोदी 17 सितंबर (बृहस्पतिवार) को 76 साल के हो जाएंगे और सात अक्टूबर को निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर 25 वर्ष पूरे कर लेगें। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में एक दशक से अधिक का कार्यकाल और 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल शामिल है।

यादव ने कहा, ‘‘भारतीय राजनीति में यशस्वी श्री नरेन्द्र मोदी की यात्रा जैसी उल्लेखनीय यात्राएं बहुत कम हैं, जो एक राजनीतिक संगठन से उठकर गुजरात के मुख्यमंत्री बने और फिर प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने ढाई दशक की गौरवशाली अवधि में देश की नियति को आकार दिया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी ने न केवल देश की राजनीति और शासन प्रणाली को एक नई दिशा दी, बल्कि वैश्विक मंच पर इसकी प्रतिष्ठा और प्रभाव को भी बढ़ाया।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे कई नेता और सार्वजनिक हस्तियां हैं जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कुछ अपनी प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने जाते हैं जबकि अन्य ने अपने राजनीतिक कौशल के माध्यम से एक अलग पहचान बनाई।’’

यादव ने मोदी के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर जारी एक लेख में कहा, ‘‘लेकिन ऐसे नेता दुर्लभ हैं, जो संगठन से उभरकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी राजनीतिक और प्रशासनिक दक्षता का उदाहरण स्थापित करते हैं और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में न केवल देश की राजनीति और शासन प्रणाली को एक नई दिशा देते हैं, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और प्रभाव को नई ऊंचाइयों पर ले जाते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी की निर्वाचित प्रतिनिधि के तौर पर जनसेवा इस तरह की असाधारण यात्रा का एक उदाहरण है। लगभग 13 वर्षों (अक्टूबर 2001-मई 2014) के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में, उन्होंने शासन की एक अलग शैली विकसित की, जिसने विकास, सुशासन और लोगों की भागीदारी को केंद्र में रखा।’’

यादव ने कहा कि इसके बाद 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर, सुरक्षित, समृद्ध और दुनिया में प्रभावशाली बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।

उन्होंने कहा कि उनकी कार्यशैली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वह केवल परिस्थितियों को नहीं देखते हैं, बल्कि उनमें बदलाव लाने की कोशिश करते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘विश्व राजनीति में कहां चुप रहना है, कहां भारत की स्थिति स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करनी है और कहां भारत के हितों की रक्षा करनी है, मोदी ने अपनी विदेश नीति में लगातार इस संतुलन का प्रदर्शन किया है।’’

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, उन्होंने दुनिया भर में सत्ता के विभिन्न केंद्रों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘आज भारत विश्व राजनीति में एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। चाहे वह अमेरिका और रूस जैसे देशों के साथ संबंधों में संतुलन बनाए रखना हो, पश्चिम एशिया में भारत के हितों की रक्षा करना हो या रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे जटिल अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर शांति और संवाद की वकालत करना हो, प्रधानमंत्री ने भारतीय दृष्टिकोण को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया है।’’

उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह रही है कि संकट के समय में भारत ने न केवल अपने नागरिकों की चिंता की है, बल्कि मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई।

उन्होंने कहा, ‘‘कोविड-19 महामारी के कठिन दौर के दौरान, भारत ने जिस तरह से अपने नागरिकों की सुरक्षा और जरूरतों का ख्याल रखा, वह अभूतपूर्व था। इसके अलावा, भारत ने कई देशों को दवाएं, टीके और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की। पड़ोसी श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और अफगानिस्तान से लेकर दूर-दराज के देशों तक, जब भी जरूरत पड़ी, भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संघर्ष क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कई अभियान चलाए गए।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को सुरक्षित निकालना हो या संकट की स्थिति में अन्य भारतीय नागरिकों को घर वापस लाना हो, इन प्रयासों ने यह संदेश दिया कि भारत अपने प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।’’

यादव ने लेख में कहा कि मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी दृढ़ संकल्प दिखाया।

उन्होंने कहा, ‘‘उरी आतंकी हमले के बाद (2016) सर्जिकल स्ट्राइक और पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद बालाकोट हवाई हमले (2019) ने एक स्पष्ट संदेश दिया कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त करने वाला देश नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025 में) ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के संकल्प को दुनिया के सामने मजबूती से रखा। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई केवल उसके लिए सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय सम्मान और उसके नागरिकों की सुरक्षा का भी सवाल है।’’

यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आतंकवाद के प्रति भारत की नीति में जो दृढ़ता उभरी है, उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है।

भाषा ब्रजेन्द्र गोला

गोला