CM Dr. Mohan Yadav News/Image Credit: MP DPR
CM Dr. Mohan Yadav News: भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को निर्बाध रूप से सस्ती बिजली सुलभ कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस काम केलिए सरकार किसानों को हर जरूरी मदद देने को तैयार है। किसानों को सस्ती बिजली मिलेगी, तो वे अपना उत्पादन भी बढ़ा सकेंगे और प्रदेश की प्रगति में भी योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप ऊर्जा प्राप्ति के लिए उन्हें स्वयं ऊर्जा उत्पादक बनाया जाए। इसके लिए किसानों को हरित ऊर्जा उत्पादन से जोड़ा जाए। ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाकर ही हम किसानों का जीवन स्तर बेहतर बना सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सोलर पम्प का उपयोग करने के लिए हर तरीके से प्रोत्साहित किया जाए। किसानों को जो इससे जुड़ना चाहते हैं, विभाग उनका हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन भी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग की प्रचलित योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि राज्य के हित में किसानों और नागरिकों सभी को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य के लिए समर्पित और फोकस्ड होकर आगे बढ़ें। किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने के साथ-साथ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति में भी तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 2 लाख से अधिक किसानों को सोलर पम्प से जोड़ने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। (CM Dr. Mohan Yadav News) विभाग अपनी योजनाओं के वार्षिक लक्ष्यों की समीक्षा करें और नई जरूरतों के मुताबिक इन लक्ष्यों में वृद्धि करें, ताकि कम समय में अधिकतम लोगों को लाभ मिले। इसके लिए विभाग अपनी योजनाओं को टाइम फ्रेम में लेकर आएं और तय समय सीमा में ही लक्ष्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। इससे तेज और अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी नगरीयनिकाय कचरा बेचकर और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना (रूफ टॉप स्कीम) में तेजी से प्रगति लाकर अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं। नगरीय निकायों के पदाधिकारियों एवं अधिकारियों को इस विषय में प्रशिक्षण देने के लिए भोपाल में एक दिन का उन्मुखीकरण कार्यक्रम किया जाए। (CM Dr. Mohan Yadav News) यह कार्यक्रम जल्दी ही किया जाए, ताकि निकायों को काम करने के लिए अधिकतम समय मिल सके।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश सरकार के साथ मिलकर मुरैना में 2 हजार मेगावॉट (2 गीगावॉट) की अल्ट्रा मेगा रिन्यूएबल एनर्जी पावर पार्क की स्थापना की प्रगति की जानकारी लेकर कहा कि इस मेगा परियोजना में राज्य के ऊर्जा हितों का विशेष ध्यान रखा जाए। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा श्री मनु श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा मात्र पीक पीरियड में ही ग्रीन एनर्जी सप्लाय की मंशा व्यक्त की गई है। इस संबंध में उत्तरप्रदेश सरकार के वरिष्ठतम विभागीय अधिकारियों के साथ समुचित समन्वय किया जा रहा है।
अपर मुख्य सचिव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा (ग्रीन एनर्जी) प्रोडक्शन के लिए तय किए गए लक्ष्यों को और भी परिशोधित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना (कुसुम बी) में अब तक 27 हजार 100 सोलर पम्प स्थापित किए जा चुके हैं। अगले दो साल में 4 लाख पम्पों को सौर ऊर्जीकृत करने का लक्ष्य है। इसके क्रियान्वयन के लिए विभाग ने 36 इकाईयां चुन ली हैं। इस योजना के पहले चरण में विभाग को एक लाख आवेदन मिल चुके हैं। अपर मुख्य सचिव श्री श्रीवास्तव ने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना (कुसुम सी) के तहत विभाग ने लगभग 10 लाख किसानों को सौर ऊर्जीकरण से जुड़ने के लिए 493 सब स्टेशनों के जरिए किसानों को दिन के समय भी बिजली उपलब्ध कराने का बड़ा लक्ष्य लिया है। (CM Dr. Mohan Yadav News) अब तक 2.50 लाख पम्प इंस्टाल कर दिये गये हैं। विभाग का लक्ष्य किसानों को ऊर्जा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से समर्थ बनाना भी है। सौर ऊर्जीकरण के लिए विभाग ने मासिक प्लान भी तैयार कर लिया है। रूफ टॉप स्कीम पर विभाग ने विशेष ध्यान केन्द्रित किया है।
बैठक में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा एवं मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, वित्त सचिव लोकेश जाटव, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध संचालक अमनवीर सिंह बैस सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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