भोपाल, 30 जून (भाषा) कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत मंगलवार को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 के पेपर लीक प्रकरण के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की मांग की।
राजधानी भोपाल स्थित आंबेडकर पार्क के निकट आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि नीट पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल परीक्षा प्रणाली की विफलता नहीं हैं, बल्कि देश के लाखों युवाओं के सपनों पर भी आघात हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना सरकार की जिम्मेदारी है और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना युवाओं का विश्वास बहाल नहीं किया जा सकता।
सिंघार ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के अधिकारों और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी।
सभा को संबोधित करते हुए ‘छात्रों की गूंज’ अभियान के समन्वयक अंशुल त्रिवेदी ने कहा कि यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों की आवाज बुलंद करने का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों तथा अभिभावकों को गहरी चिंता में डाल दिया है।
त्रिवेदी ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त शिक्षा व्यवस्था मिलना उसका अधिकार है तथा कांग्रेस इस मुद्दे पर देशभर में छात्रों की आवाज बनकर संघर्ष जारी रखेगी।
श्रद्धांजलि सभा के दौरान मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने का संकल्प लिया।
पार्टी ने इस अवसर पर घोषणा की कि आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत विभिन्न मुद्दों पर संवाद, पर्चों का वितरण, जनजागरण अभियान और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने अनियमितताओं के आरोपों के बीच तीन मई को आयोजित नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित की गई।
उल्लेखनीय है कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद देश के कई राज्यों से छात्रों द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद से ही कांग्रेस केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर देशभर में अभियान चला रही है।
भाषा
ब्रजेन्द्र रवि कांत