इंदौर, 14 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर की पेयजल दुर्घटना को लेकर कांग्रेस के खिलाफ मौतों पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि प्रमुख विपक्षी दल के इस गैर जिम्मेदाराना रवैये को शहर के लोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
प्रशासन ने शहर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक छह लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की है, जबकि स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप के कारण छह माह के बच्चे समेत 23 मरीजों के दम तोड़ने का दावा किया है।
मृतकों की तादाद को लेकर विरोधाभासी दावों के बीच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय की एक समिति के किए गए ‘डेथ ऑडिट’ की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा के 15 लोगों की मौत उल्टी-दस्त के प्रकोप से किसी न किसी तरह जुड़ी हो सकती है।
मुख्यमंत्री यादव ने मकर संक्राति के अवसर पर इंदौर में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत वाली ‘अमृत 2.0 जलप्रदाय योजना’ के पैकेज-1 की नींव रखी। उन्होंने इस मौके पर आयोजित समारोह में भागीरथपुरा की पेयजल त्रासदी को लेकर कहा कि उनके मन में इस घटना को लेकर पीड़ा है और उनकी सरकार ने कष्ट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों की हरसंभव मदद की है।
उन्होंने इंदौर को ‘देश में सबसे तेज गति से विकसित हो रहा शहर’ करार दिया और कहा कि यह नगर बीते दिनों की कठिनाई से उबरकर फिर से तरक्की की राह पर आगे बढ़ने का संकल्प कर रहा है।
यादव ने पेयजल दुर्घटना के संदर्भ में कहा,‘‘हमने कठिनाई के इस दौर को पूरी संवेदना के साथ महसूस किया है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के लोग केवल राजनीति करने के लिए आपदा में भी अवसर ढूंढते हैं। आप (कांग्रेस नेता) अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे, तो इंदौर का कोई भी व्यक्ति इस बात को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
उन्होंने कांग्रेस से कहा कि वह जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाते हुए ‘सकारात्मक विरोध’ करे।
मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘आपने (कांग्रेस) बात निकाली, तो बात दूर तलक जाएगी। देश और प्रदेश की जनता के साथ कांग्रेस ने इतने पाप किए हैं कि इन्हें गिना जाए तो किसी व्यक्ति के सिर के बाल भी कम पड़ जाएं।’’
उन्होंने कहा कि पश्चिमी मध्यप्रदेश के मालवा अंचल में नर्मदा नदी का जल पहुंचाने का श्रेय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकारों को जाता है और लंबे वक्त तक सत्ता में रही कांग्रेस ने अंचल की जनता को इस नदी के पानी के लिए तरसाते हुए विकास अवरुद्ध कर दिया था।
यादव ने रेखांकित किया कि सूबे में भाजपा की सरकार ने खेती के सिंचित रकबे को 7.50 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 56 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा दिया है।
इंदौर की पेयजल दुर्घटना को लेकर कांग्रेस की ओर से सत्तारूढ़ भाजपा पर लगातार तीखे हमले किए जा रहे हैं। कांग्रेस 11 जनवरी (रविवार) को शहर की सड़कों पर उतरी थी और इस त्रासदी के लिए मुख्यमंत्री यादव की माफी के साथ ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय व महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की थी।
कांग्रेस ने पेयजल त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी की थी।
दूषित पेयजल के कारण फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से कई लोगों की मौत के कारण सुर्खियों में आया भागीरथपुरा इलाका, राज्य के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ में आता है।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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