मप्र में इमारत धंसने की घटना में मरने वालों की संख्या तीन हुई, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा

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मप्र में इमारत धंसने की घटना में मरने वालों की संख्या तीन हुई, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा

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  • Publish Date - April 5, 2026 / 03:09 PM IST,
    Updated On - April 5, 2026 / 03:09 PM IST

अनूपपुर (मध्यप्रदेश), पांच अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा कस्बे में शनिवार शाम चार मंजिला लॉज की इमारत ढह जाने की घटना में मरने वालों की संख्या तीन हो गई जबकि तीन अन्य अब भी गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि घायलों को बेहतर इलाज के लिए शहडोल भेजा गया है।

उन्होंने बताया कि मलबे में अब भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए राहत व बचाव कार्य जारी है।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के प्रति संवेदना जताते हुए उनके परिजनों को नौ-नौ लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की।

अनूपपुर के जिलाधिकारी हर्षल पंचोली ने बताया कि कोतमा में इमारत ढहने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में रात में सात लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया, जिनमें तीन की मौत हो गई है।

अधिकारियों ने बताया कि कोतमा बस स्टैंड के पास स्थित ‘अग्रवाल लॉज’ नामक यह इमारत शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमारत गिरते समय तेज धमाके जैसी आवाज हुई और चारों ओर धूल का गुबार फैल गया।

उन्होंने बताया कि घटना के समय बस स्टैंड क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही के कारण भीड़ थी तथा पास के भूखंड पर निर्माण कार्य भी हो रहा था।

अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मोती उर रहमान ने रविवार सुबह बताया कि मृतकों की पहचान हनुमान दीन यादव (55) और रामकृपाल यादव (50) के रूप में हुई है। उन्होंने कहा कि बाद में राधा कौल (45) नामक एक महिला का शव बरामद किया गया।

उन्होंने कहा तीन अन्य लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें शहडोल रेफर किया गया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित अन्य बचाव टीम ने रात भर अभियान चलाया, जो अब भी जारी है ताकि अगर कोई और मलबे में फंसा हो तो उसे निकाला जा सके।

रहमान ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में होटल मालिक और जमीन मालिक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 (ए) (लापरवाही से मौत) के तहत मामला दर्ज किया है।

उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह हादसा उस समय हुआ जब एक निर्माणाधीन मकान के ठीक बगल में एक व्यक्ति द्वारा काफी गहरा गड्ढा खोदा जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस खुदाई के कारण पुराने मकान की नींव हिल गई और पूरी इमारत अचानक भरभरा कर गिर गई।

पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी, जिसके कारण यह जानलेवा हादसा हुआ।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कल कोतमा में हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से चार-चार लाख रुपये, संबल योजना के अंतर्गत चार-चार लाख रुपये एवं रेडक्रॉस से एक-एक रुपये लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।’’

उन्होंने कहा कि घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान से दो-दो लाख रुपये एवं रेडक्रॉस से 50-50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।

यादव ने कहा, ‘‘राज्य सरकार प्रभावित परिजनों के साथ खड़ी है। ईश्वर से दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।’’

मध्यप्रदेश के वन मंत्री एवं अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार और कुटीर एवं ग्राम उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल शनिवार देर रात घटनास्थल पर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।

अहिरवार ने पत्रकारों से कहा कि इस हादसे से जुड़े हर पहलू की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना और उनका समुचित इलाज कराना है।

भाषा सं ब्रजेन्द्र नेत्रपाल सुरभि

सुरभि