आजादी के आठ दशक बाद धार पहुंचेगी रेल, पटरी बिछाने का काम अंतिम दौर में

Ads

आजादी के आठ दशक बाद धार पहुंचेगी रेल, पटरी बिछाने का काम अंतिम दौर में

  •  
  • Publish Date - July 2, 2026 / 08:57 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 08:57 PM IST

इंदौर, दो जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश का आदिवासी बहुल धार जिला देश की आजादी के करीब आठ दशक बाद रेल नेटवर्क से जुड़ने के नजदीक पहुंच गया है।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इंदौर-दाहोद नयी रेल लाइन परियोजना के तहत टीही में लगभग तीन किलोमीटर लंबी सुरंग में पटरी बिछाने का काम अंतिम दौर में है और इसके पूरा होते ही इंदौर और धार के बीच रेल संपर्क का रास्ता साफ हो जाएगा।

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडेय ने बृहस्पतिवार को इस सुरंग में जारी काम का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने इंदौर में संवाददाताओं से कहा, “सुरंग में पटरी बिछाने का काम सितंबर के अंत तक पूरा हो जाएगा।”

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरंग के लगभग 1,200 मीटर हिस्से में रेल लाइन बिछाई जा चुकी है और शेष कार्य तेजी से जारी है।

महाप्रबंधक पांडेय ने बताया कि इंदौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का काम वर्ष 2030 तक पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा, “वर्ष 2028 के दौरान उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ मेला आयोजित होने के कारण इंदौर रेलवे स्टेशन के पार्सल कार्यालय के लिए बन रही इमारत का इस्तेमाल यात्री सुविधाओं के लिए किया जाएगा।”

महाप्रबंधक ने बताया कि महू-खंडवा गेज परिवर्तन परियोजना के तहत घने जंगलों में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए रेलवे को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से पेड़ कटाई की अंतिम मंजूरी अब तक नहीं मिली है।

अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इंदौर और खरगोन जिलों में फैले वन क्षेत्र में बड़ी (ब्रॉडगेज) रेल लाइन के निर्माण के लिए करीब 1.24 लाख पेड़ काटे जा सकते हैं।

पांडेय ने रतलाम रेल मंडल के दो दिवसीय दौरे में विभिन्न रेल परियोजनाओं का निरीक्षण किया और मातहत अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।

भाषा

हर्ष पारुल

पारुल