किसानों की जमीन लेने पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा: मुख्यमंत्री यादव

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किसानों की जमीन लेने पर चार गुना मुआवजा दिया जाएगा: मुख्यमंत्री यादव

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  • Publish Date - April 23, 2026 / 01:07 AM IST,
    Updated On - April 23, 2026 / 01:07 AM IST

भोपाल, 22 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश में अब प्रदेश सरकार किसी भी किसान की जमीन लेने पर उसे दिशानिर्देशों के मूल्य के हिसाब से चार गुना भुगतान करेगी, यानी किसान को भू-अर्जन की जाने वाली भूमि का 4 गुना मुआवजा मिलेगा।

यह फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया, जिसकी घोषणा खुद उन्होने अपने आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में की।

उन्होंने इस फैसले को ‘अद्भुत-अकल्पनीय और ऐतिहासिक’ करार देते हुए कहा कि इस निर्णय से अब किसानों को उनकी भूमि का वाजिब मूल्य और उन्हें सम्मानजनक जीवन मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘अब प्रदेश सरकार किसी भी किसान की जमीन लेने पर उसे गाइडलाइन वैल्यू का चार गुना भुगतान करेगी। यानी, किसान को भू-अर्जन की जाने वाली भूमि का 4 गुना मुआवजा मिलेगा।’

यादव ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश में परियोजनाएं समय पर पूरी होंगी, विकास को तेज रफ्तार मिलेगी और किसान भी समृद्ध होंगे।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश में तय व्यवस्था के तहत किसानों को गाइडलाइन दर का दोगुना मुआवजा दिया जाता और संबंधित अधिनियम के तहत तय दर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समान रूप से लागू होती थी।

उन्होंने कहा कि व्यवहारिक दृष्टि से जमीन की गाइडलाइन दर कम होने के कारण किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल पा रहा था, जबकि विकास परियोजनाओं की गति तेज हो रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वजह से सरकार ने इस दोगुना मुआवजे को बढ़ाकर 4 गुना कर दिया।

उन्होंने कहा, ‘यह निर्णय भू-अर्जन परियोजनाओं पर लागू होगा। इस निर्णय का सीधा सकारात्मक प्रभाव सिंचाई परियोजनाओं, नई सड़कों, पुलों, रेलवे लाइनों और बांधों के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण अधोसंरचना कार्यों पर पड़ेगा।’

उन्होंने कहा कि विशेष रूप से, यह लाभ उन सभी लंबित प्रकरणों में भी दिया जाएगा जहां आज तक अंतिम अवॉर्ड पारित नहीं किया गया है।

यादव ने कहा कि किसानों का कल्याण उनके नेतृत्व वाली सरकार की पहली प्राथमिकता है, ऐसे में किसानों को उनकी भूमि का सही दाम मिल सके, इसलिए राज्य सरकार ने अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि किसानों के जीवन में यह बदलाव करने के लिए मंत्रिमंडलीय समिति का गठन किया गया था और फिर यह निर्णय लिया गया। किसान हित को सरकार की पहली प्राथमिकता बताते हुए यादव ने कहा कि सरकार चाहती है कि विकास और किसान हित साथ-साथ आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि विकास को लेकर आगे बढ़ना है तो भूमि अधिग्रहण पर बड़े फैसले लेने होंगे।

उन्होंने कहा, ‘हम विकास में किसानों को सहभागी बना रहे हैं। कई पुरानी परियोजनाएं हैं जो वर्षों पहले पूरे हो जाने चाहिए थे, लेकिन भूमि की वजह से पूरे नहीं हो पाए। अब हमने इसका हल निकाला है।’

यादव से पहले, वर्तमान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान राज्य के मुख्यमंत्री दें।

मोहन यादव ने कहा, ‘हमारी सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है। सरकार ने किसानों को बोनस भी बढ़ाकर दिया है। पिछले साल का गेहूं अभी भी गोदामों में भरा है। इसके बावजूद हम इसे खरीद रहे हैं।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण में बड़ा विवाद मुआवजे का होता है और यह निर्णय लेकर सरकार ने विकास के रास्ते खोले हैं।

भाषा ब्रजेन्द्र रंजन

रंजन