MP Rajya Sabha Election: नामांकन रद्द के फैसले को अदालत में चुनौती देगी कांग्रेस! मीनाक्षी नटराजन बोली- लोकतंत्र और संविधान को ‘कुचलने’ के प्रयास में भाजपा

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Meenakshi Natarajan on cancellation of nomination

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  • Publish Date - June 9, 2026 / 10:39 PM IST,
    Updated On - June 9, 2026 / 11:55 PM IST

भोपाल: MP Rajya Sabha Election: मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर हो रहे चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि यह अब ‘वोट चोरी’ का मामला नहीं रहा, बल्कि ‘सीट चोरी’ का मामला बन गया है। साथ ही पार्टी ने इस प्रकरण को अदालत में चुनौती देने का भी फैसला किया है। पार्टी इस मुद्दे को उच्च न्यायालय में चुनौती देगी या सीधे उच्चतम न्यायालय का रुख करेगी, इस बारे में उसके नेताओं ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता और पार्टी के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने सुझाव दिया कि यह ऐसा मामला है जिसे सीधे उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी जानी चाहिए।

MP Rajya Sabha Election: इस बीच, कांग्रेस ने भोपाल में राज्य निर्वाचन आयोग के बाहर धरना आरंभ कर दिया है। उधर, कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता देश की राजधानी दिल्ली में निर्वाचन आयोग के मुख्यालय पहुंच गए और अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं मिलने पर मुख्य द्वार पर ही धरने पर बैठ गए। राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने जारी एक आदेश में कहा कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद यह पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फार्म 26 में ‘उक्त न्यायालय परिवाद का उल्लेख नहीं करके अपना शपथ पत्र अपूर्ण प्रस्तुत किया है’।

नटराजन ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि जब सदस्यों की संख्या पर्याप्त नहीं थी और भाजपा ने तीसरा उम्मीदवार उतार दिया तभी यह स्पष्ट हो गया था कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान को ‘कुचलने’ के प्रयास में है। नटराजन ने कहा, ‘‘अभी तक तो मामला वोट चोरी तक सीमित था, अब यह सीट चोरी हो गया है। जब उन्हें लगा कि कांग्रेस के विधायक एकजुट हैं तो उन्होंने उस कानूनी नोटिस की आड़ ली जिसे संज्ञान में ही नहीं लिया गया।’’ नटराजन ने कहा कि यह महज एक उम्मीदवारी के बारे में नहीं है, देश में एक गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे चुनौती देंगे।’’

बता दें कि निर्वाचन अधिकारी का यह फैसला ऐसे दिन आया जब ‘क्रॉस वोटिंग’ से बचने और अपने खेमे को एकजुट रखने के मकसद से कांग्रेस ने अपने 35 विधायकों का पहला जत्था एक विशेष विमान से पार्टी शासित कर्नाटक के लिए रवाना कर दिया था जबकि दूसरे जत्थे को मंगलवार शाम को बेंगलुरु के लिए रवाना होना था। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की खाली हुई जिन तीन सीट पर चुनाव हो रहे हैं, उनमें से दो पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत लगभग तय है जबकि संख्या बल के लिहाज से तीसरी सीट पर कांग्रेस का पलड़ा भारी था। भाजपा ने राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राज्य इकाई के सचिव रजनीश अग्रवाल को मैदान में उतारा है और तीसरी सीट पर मध्यप्रदेश मछुआरा कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट पर दांव लगाया है।

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