ग्वालियर: एलएनआईपीई के छात्रों का प्रदर्शन जारी, कुलपति को बनाया बंधक

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ग्वालियर: एलएनआईपीई के छात्रों का प्रदर्शन जारी, कुलपति को बनाया बंधक

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  • Publish Date - September 23, 2026 / 11:32 AM IST,
    Updated On - September 23, 2026 / 11:32 AM IST

ग्वालियर, 23 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार के संस्थान लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) के गुवाहाटी परिसर में एक छात्रा की मौत के मामले में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार की शाम को कुलपति सहित कुछ अन्य कर्मचारियों को दो घंटे तक बनाए रखा।

प्रदर्शनकारी छात्रों में से चार ने बुधवार सुबह से भूख हड़ताल आरंभ कर दी है। वे रजिस्ट्रार के इस्तीफे और मृतक के परिवार के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को लेकर पिछले 14 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।

संस्थान की ओर से मांगे नहीं माने जाने से नाराज छात्र शाम के समय प्रशासनिक भवन पहुंच गए औऱ उसे बंद कर दिया। इस भवन में कुलप्रति प्रोफेसर कल्पना शर्मा व अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

बाद में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और प्रशासनिक भवन में बंद कुलपति सहित अन्य लोगों को बाहर निकाला गया।

एलएनआईपीई गुवाहाटी परिसर में बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) के तीसरे वर्ष की छात्रा श्रुति उपाध्याय (22) की 9 सितंबर को बीमार पड़ने के बाद कथित तौर पर समुचित इलाज के अभाव में मौत हो गई थी। उसके बाद से गुवाहटी कैंपस में स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ करने सहित अन्य मांगों को लेकर ग्वालियर के मुख्य कैंपस में छात्र आंदोलन कर रहे हैं।

प्रदर्शनकारी छात्र अमित चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ’14 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन कोई हल नहीं निकला। इससे छात्रों ने नाराज होकर प्रशासनिक भवन को बंद कर दिया।’

उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से प्रदर्शन खत्म करने और कक्षा में आने के लिए तरह-तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं।

चौधरी ने कहा कि अब संस्थान की ओर से आश्वासन मिला है कि दिल्ली से एक टीम 24 सितंबर को ग्वालियर आएगी और छात्रों की बात सुनेगी।

उन्होंने कहा, ‘हम सब 24 सितंबर तक इंतजार करेंगे। यदि समस्या का निदान नहीं हुआ था तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस बार तो हमने सिर्फ प्रशासनिक भवन को बंद किया है, अगली बार और बड़ा कदम उठाया जाएगा।’

उन्होंने कहा कि संस्थान मेडिकल सुविधाएं तो बढ़ा रहा है, लेकिन रजिस्ट्रार के इस्तीफे और 50 लाख के मुआवजे की मांग को लेकर उदासीन बैठा है।

कुलपति शर्मा ने संवाददाताओं से कहा कि संस्थान की ओर से शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए कोई रोक नहीं है लेकिन मंगलवार शाम विरोध प्रदर्शन में बदलाव करते हुए छात्रों ने प्रशासनिक भवन बंद कर दिया जो कि उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि छात्रों से बात लगातार हो रही है और उनके छह मांगों में से कुछ मान ली गई हैं जबकि शेष मांगों के संबंध में एक समिति गठित की गई है।

उन्होंने कहा कि संस्थान बच्चों से कह रहा है कि वे कक्षाओं में आएं और अध्ययन करें।

शर्मा ने कहा कि गुवाहाटी प्रशासन ने असम सरकार की ओर से मृतक के परिवार को चार लाख रुपये दिए हैं और संस्थान ने मुआवजे के रूप में पांच लाख रुपये दिए हैं।

भाषा सं ब्रजेन्द्र

मनीषा

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