Reported By: Mahendra Singh Kushwaha
,Bholenath Se Arji: 'अमीर बनने के बाद ही रोड पर सुंदर लड़कों को देखेंगे' भक्त ने भोलेनाथ से लगाई अर्जी, मन्नत वाली पर्चियां देखकर आप भी कहेंगे- कैसी-कैसी कामनाएं करते हैं लोग / Image: AI Generated
ग्वालियर: Bholenath Se Arji शहर के प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां खुलीं तो नोट-सिक्कों के साथ भक्तों की अनोखी मन्नतें भी निकलीं। बैंक और कलेक्ट्रेट अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रस्ट ने जून महीने की दान पेटियां खोलीं। 5 लाख 52 हजार 580 रुपए के नोट-सिक्कों के बीच री-नीट की मन्नत, अमीर बनने के अजीब वादे और परिवार की सलामती की चिट्ठियां मिलीं। एक भक्त ने तो अमीर बनने के लिए खुद से बात न करने और दिन में सपने न देखने तक की कसम खाई है। 20 रिटायर्ड बैंक कर्मचारियों ने घंटों मेहनत कर दान और मन्नतों को अलग-अलग किया।
Bholenath Se Arji दअरसल ग्वालियर शहर के प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर की दान पेटियां खोली गईं। काउंटिंग बैंक और कलेक्ट्रेट के अधिकारियों की निगरानी में हुई। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों और 20 रिटायर्ड बैंक व पोस्ट ऑफिस कर्मचारियों ने मिलकर नोट-सिक्के गिने। कुल 5 लाख 52 हजार 580 रुपए के नोट और सिक्के निकले। इसके अलावा चांदी के नाग-नागिन के जोड़े और कुछ पुराने दुर्लभ सिक्के भी दान पेटी से निकले। गिनती के दौरान कई भक्तों की मन्नत वाली पर्चियां भी मिलीं।
एक पर्ची में छात्र ने लिखा कि उसने 21 जून को हुए री-नीट एग्जाम से पहले ये चिट्ठी डाली थी। उसने भोलेनाथ से अच्छे परफॉर्मेंस और बेहतर रिजल्ट की मन्नत मांगी है। मध्य प्रदेश के किसी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले की इच्छा जताई है। सबसे ज्यादा चर्चा एक भक्त की पर्ची ने बटोरी। उसने लिखा “मैं भूमिया बाबा की कसम खाता हूं कि आज के बाद कभी खुद से बात नहीं करूंगा, फिजूल में दिन में सपने नहीं देखूंगा। शिव जी की कसम किसी से बिना जुबान दिए कुछ नहीं करूंगा। जब तक 1 लाख रुपए महीना नहीं कमाने लगता, किसी के घर नहीं जाऊंगा।” पर्ची के पीछे उसने लिखा “2-3 साल में अमीर हो जाऊंगा, हमेशा खुश रहूंगा। रोड पर सुंदर लड़कों को कभी नहीं देखूंगा, कितने भी सुंदर हों।” मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक ऐसी ही कई पर्चियों में परिवार के स्वास्थ्य और आर्थिक हालात ठीक करने की गुजारिश की गई है। हर महीने दान पेटी खुलने पर भक्तों की आस्था और अनोखी मन्नतें सामने आती हैं।