Advocate Anil mishra Bail: रविवार को हाईकोर्ट में स्पेशल बेंच की अहम सुनवाई, क्या एडवोकेट अनिल मिश्रा को मिलेगी जमानत?

Advocate Anil mishra Bail: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा समेत 4 लोगों की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच (DB) सुनवाई करेगी।

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 11:35 AM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 11:36 AM IST

Advocate Anil mishra Bail/ Image Source: IBC24

HIGHLIGHTS
  • हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच आज अनिल मिश्रा की जमानत पर सुनवाई करेगी।
  • पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा।
  • वकील का आरोप: पुलिस ने विधि प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

Advocate Anil mishra Bail ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने के मामले में कल जिला न्यायालय ने एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत 4 लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। इस मामले में अब जेल में बंद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा समेत 4 लोगों की जमानत याचिका पर आज हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच (DB) सुनवाई करेगी।

कल जामनत याचिका हुयी थी ख़ारिज Advocate Anil mishra Bail

दरअसल, गुरुवार रात डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र को जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के आरोप में एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ साइबर सेल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। कल JMFC मधुलिका खत्री की कोर्ट ने पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा समेत 4 लोगों की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

“पुलिस ने प्रक्रिया का नहीं किया था पालन “Advocate Anil mishra Bail

इस सुनवाई के दौरान एडवोकेट अनिल मिश्रा के वकील ने कहा था कि पुलिस ने विधि प्रक्रिया का पालन नहीं किया था। पुलिस ने पहले अधिवक्ता अनिल मिश्रा को गिरफ्तार किया और बाद में FIR दर्ज की। उन्होंने बताया कि SC/ST एक्ट में नोटिस देकर छोड़ने का प्रावधान है, लेकिन ऐसा पालन ग्वालियर पुलिस ने नहीं किया था।

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अनिल मिश्रा की जमानत की सुनवाई कब होगी?

आज हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच में होगी।

किस आरोप में अनिल मिश्रा और अन्य आरोपी जेल में हैं?

डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र जलाने और अपमानजनक नारे लगाने के आरोप में।

पुलिस ने क्या कानूनी प्रक्रिया का पालन किया?

वकील का कहना है कि SC/ST एक्ट के तहत नोटिस देने का प्रावधान पुलिस ने नहीं निभाया।