पुणे, छह जनवरी (भाषा) ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) इंडिया ने छत्रपति शिवाजी महाराज के 13वें वंशज उदयनराजे भोसले से दो दशक से अधिक समय पहले प्रकाशित एक पुस्तक में महान मराठा राजा के बारे में किए गए कुछ ‘अपुष्ट बयानों’ के लिए माफी मांगी है।
एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक सार्वजनिक सूचना में ओयूपी इंडिया ने स्वीकार किया कि 2003 में प्रकाशित पुस्तक ‘शिवाजी: हिंदू किंग इन इस्लामिक इंडिया’ के पृष्ठ 31, 33, 34 और 93 पर दिए गए कुछ कथन अप्रमाणित थे।
अमेरिकी लेखक जेम्स लेन द्वारा लिखित इस पुस्तक ने विवाद को जन्म दिया था, जब जनवरी 2004 में संभाजी ब्रिगेड के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने पुणे के लॉ कॉलेज रोड स्थित प्रसिद्ध भंडारकर ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट (बोरी) में तोड़फोड़ की थी। उनका आरोप था कि इस संस्थान ने लेखक की मदद की थी, जिसने कथित तौर पर पुस्तक में शिवाजी महाराज के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
नोटिस में प्रकाशक ने उन बयानों के प्रकाशन पर खेद व्यक्त किया और छत्रपति उदयनराजे भोसले और आम जनता से ‘किसी भी प्रकार की पीड़ा और दुख’ के लिए माफी मांगी।
नोटिस में कहा गया है कि यह माफीनामा ओयूपी के पूर्व प्रबंध निदेशक सईद मंजर खान की ओर से जारी किया गया था।
भाषा तान्या वैभव
वैभव