ग्वालियर: Mama-Bhanji Wedding News जिले की भितरवार तहसील से अजब प्रेम की गजब कहानी समाने आई है, यहां, भांजी को मामा से प्यार हो गया। वो मामा के साथ इलाहाबाद यानि प्रयागराज चली गई। परिवार के लोगों ने तीन-चार दिन तक दोनों की तलाश की है। लेकिन जब कोई लोकेशन नहीं मिली तो, थाने में गुमशुदगी कायम करा दी।
Mama-Bhanji Wedding News वहीं, कल अचानक मामा-भांजी भितरवार थाने पहुंच गए। आनन-फानन में परिवार के लोग भी पहुंच गए। ऐसे में लड़की बालिग थी, तो लड़की के परिवार ने दोनों की शादी हनुमान मंदिर में करा दी। लेकिन उसमें लड़के के परिवार के लोग शामिल नहीं हुए।
दरअसल, भितरवार के रामनगर गधाई के रहने वाले युवक अवनीश कुशवाह को अपनी रिश्ते में भांजी लगने वाली लड़की से प्यार हो गया था। ये लोग 30 मार्च को घर से भाग गए और आज 3 अप्रैल को दोनों भितरवार पुलिस थाने पहुंचे। जहां दोनों बालिग होने के चलते पुलिस ने युवती को परिजनों को सुपुर्द कर दिया। जहां लड़की के परिजनों ने दोनों की हनुमान मंदिर में जयमाला डलवाकर शादी करा दी।
ग्वालियर जिले की भितरवार तहसील के हनुमान मंदिर में मामा-भांजी की शादी करवाई गई।
क्या "मामा-भांजी की शादी" कानूनी रूप से वैध है?
भारत में मामा और भांजी के बीच विवाह धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से विवादास्पद है, लेकिन यदि दोनों बालिग हैं और सहमति से शादी करते हैं, तो कानूनन इसे चुनौती देना मुश्किल होता है।
"मामा-भांजी के भागने" के बाद क्या पुलिस ने मामला दर्ज किया था?
हां, परिवार की शिकायत पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन दोनों के बालिग होने की पुष्टि होने पर मामला खत्म कर दिया गया।
क्या "मामा-भांजी की शादी" में दोनों परिवारों की सहमति थी?
नहीं, केवल लड़की के परिवार ने शादी में भाग लिया, जबकि लड़के का परिवार अनुपस्थित रहा।
क्या "मामा-भांजी के रिश्ते" को समाज में स्वीकार्यता मिलती है?
भारत के कई हिस्सों में यह सामाजिक रूप से अस्वीकार्य माना जाता है, हालांकि कुछ समुदायों में इसे निजी सहमति पर छोड़ा जाता है।