हेड कॉन्स्टेबल ने इस काम के लिए मांगी रिश्वत.. लोकायुक्त की टीम ने किया गिरफ्तार, अब पड़ गए लेने के देने

प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया!Head constable arrested taking bribe

हेड कॉन्स्टेबल ने इस काम के लिए मांगी रिश्वत.. लोकायुक्त की टीम ने किया गिरफ्तार, अब पड़ गए लेने के देने

Head constable arrested taking bribe | Source : IBC24

Modified Date: December 28, 2024 / 12:00 pm IST
Published Date: December 28, 2024 12:00 pm IST

सीधी। Head constable arrested taking bribe : एमपी के सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र के अंतर्गत खड्डी चौकी में तैनात प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई कल देर रात डीएसपी प्रमेंद्र सिंह के नेतृत्व में 12 सदस्यीय टीम द्वारा की जा रही है। जानकारी के मुताबिक यह था पूरा मामला खड्डी निवासी दिवाकर प्रसाद द्विवेदी और भास्कर प्रसाद द्विवेदी का जमीन विवाद शैलेंद्र तिवारी और सुदामा तिवारी से चल रहा था। 21 तारीख को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसमें भास्कर द्विवेदी को गंभीर चोटें आईं, जबकि शैलेंद्र तिवारी को मामूली चोटें आईं।

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हालांकि, भाजपा नेता के दबाव के चलते पुलिस ने शैलेंद्र तिवारी के पक्ष में 6 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया। वहीं, भास्कर द्विवेदी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराने के प्रयासों को बार-बार नजरअंदाज किया गया जिस बात का खुलासा रिश्वत की मांग से हुआ फरियादी की शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने खड्डी चौकी में अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो पहले उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में कच्ची रिपोर्ट लिखकर मेडिकल जांच (एमएलसी) कराई गई। लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान भी उन्हें कोई न्याय नहीं मिला जब विवेचना अधिकारी प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी से न्याय की गुहार लगाई गई, तो उन्होंने 20, हजार रिश्वत की मांग की।

पीड़ित पक्ष ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त रीवा से की। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने प्रधान आरक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त की कार्रवाई पूरी रात रेस्ट हाउस में जांच-पड़ताल चली वही गिरफ्तार प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। यह घटना पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव की सच्चाई को उजागर करती है।

 

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FAQ Section:

क्या है प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी की गिरफ्तारी का मामला?

सीधी जिले के खड्डी चौकी में तैनात प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उन पर एक जमीन विवाद के मामले में पीड़ित से 20,000 रुपये रिश्वत की मांग करने का आरोप था।

कौन था आरोपी बृजेश तिवारी के खिलाफ शिकायतकर्ता?

शिकायतकर्ता दिवाकर प्रसाद द्विवेदी और भास्कर प्रसाद द्विवेदी थे, जो एक भूमि विवाद में फंसे हुए थे। वे बार-बार रिपोर्ट दर्ज करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस द्वारा शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा था।

लोकायुक्त की टीम ने किस तरह से कार्रवाई की?

लोकायुक्त रीवा की टीम ने शिकायत की पुष्टि के बाद प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। टीम ने पूरी रात जांच-पड़ताल की और गिरफ्तार किए गए अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

क्या रिश्वत की मांग के बाद पीड़ित ने कहां शिकायत की थी?

पीड़ित पक्ष ने रिश्वत की मांग के बाद लोकायुक्त रीवा से शिकायत की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने बृजेश तिवारी को गिरफ्तार किया।

हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत लेने के बारे में क्या जानकारी है?

सीधी जिले में प्रधान आरक्षक बृजेश तिवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह मामला पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव की सच्चाई को उजागर करता है।


लेखक के बारे में

Shyam Bihari Dwivedi, Content Writter in IBC24 Bhopal, DOB- 12-04-2000 Collage- RDVV Jabalpur Degree- BA Mass Communication Exprince- 5 Years