भारत एक हिंदू राष्ट्र है जो अनेकता में एकता को मानता है: उमा भारती

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भारत एक हिंदू राष्ट्र है जो अनेकता में एकता को मानता है: उमा भारती

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  • Publish Date - November 23, 2025 / 12:18 AM IST,
    Updated On - November 23, 2025 / 12:18 AM IST

भोपाल, 22 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने शनिवार को कहा कि भारत एक हिंदू राष्ट्र है, लेकिन यह किसी एक धर्म को नहीं मानता या उसके आधार पर काम नहीं करता क्योंकि यह ”अनेकता में एकता” के सिद्धांत पर विश्वास करता है।

उन्होंने कहा कि एक हिंदू राष्ट्र के तौर पर भारत की पहचान ही इसकी धर्मनिरपेक्षता की गारंटी है।

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा कि धर्मनिरपेक्षता सभी धर्मों को मानना ​​दिखाता है, जो कई भगवानों की पूजा और कई रीति-रिवाजों की हिंदू परंपरा में निहित है।

उन्होंने कहा, ‘इस्लाम, ईसाई, जैन और बौद्ध धर्म के होने से बहुत पहले, हिंदू अनगिनत देवी-देवताओं की पूजा करते थे। जैसा कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के केशव बलिराम हेडगेवार ने कहा था, भारत एक हिंदू राष्ट्र है…यह एक ‘हिंदू स्टेट ‘नहीं है, जिसका मतलब है कि यह राष्ट्र किसी एक धर्म को नहीं मानता या उसके आधार पर काम नहीं करता। भारत हिंदू स्टेट कभी नहीं होगा और हम अनेकता में एकता को मानते हैं।’

जातिवाद के मुद्दे पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिंदुओं के लिए जाति के बंटवारे को छोड़ना और एकजुट रहना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि जातियों के बीच बिखराव की वजह से ही कई समस्याएं बनी हुई हैं।

उनके अनुसार आर्थिक बराबरी हिंदू एकता का आधार होनी चाहिए।

भारती ने कहा, ‘हिंदू समाज में एकता के लिए, सत्ता, शासन और प्रशासन में सभी की भागीदारी होनी चाहिए। सरकारी और निजी स्कूलों, या सरकारी और निजी अस्पतालों में कोई अंतर क्यों होना चाहिए? नहीं होना चाहिए। सत्ता, शासन और प्रशासन में बराबर की भागीदारी जरूरी है।’

उन्होंने कहा कि आरक्षण एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। अब समाज में एक लहर की जरूरत है ताकि यह पक्का हो सके कि सत्ता, शासन और प्रशासन में पदों का वजन बराबर हो।

भारती ने हिंदू समाज में एकता को बढ़ावा देने के लिए अंतरजातीय शादियों को सम्मान देने की अपील की।

भाषा

दिमो, रवि कांत रवि कांत