इंदौर। Indore Doctors Protest: इंदौर के एमवाय अस्पताल के बाहर मध्य प्रदेश चिकित्सा महासंघ ने अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। इसमें सबसे प्रमुख बिंदु अमानक दवाइयां की डॉक्टर ने प्रदर्शन के दौरान होली जलाई। चिकित्सा महासंघ का कहना है कि मध्य प्रदेश में अमानत दवाइयां को ब्लैक लिस्ट तो कर दिया गया है लेकिन अमानक दवाई बनाने वाली कंपनियों पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है और इसकी मांग चिकित्सक संघ लंबे समय से कर रहा है।
इसके अलावा इस विषय को लेकर उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर 2024 को आदेश पारित करते हुए एक कमेटी के गठन का निर्देश दिया गया था जो अब तक गठित नहीं हुई है और इससे न्यायालय के भी अवमानना हुई है। सातवें वेतनमान का वास्तविक लाभ भी 1 जनवरी 2024 से डॉक्टर्स को मिलना था जो कि नहीं मिला।
इसके अलावा कोलकाता के आरजीआर मेडिकल कॉलेज में घटना के बाद नेशनल टास्क फोर्स का गठन किया गया था जिसने अपनी रिपोर्ट जारी की थी जिन्हें सभी राज्यों में लागू करना था लेकिन मध्य प्रदेश में अब तक उसे लागू नहीं किया गया। चिकित्सा महासंघ इन सभी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहा है हमने पहले हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और आज अमानक दवाइयां की होली जलाई है आगे भी हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।
इंदौर में डॉक्टर्स ने किस मुद्दे पर प्रदर्शन किया?
इंदौर में चिकित्सा महासंघ ने अमानक दवाइयों, सातवें वेतनमान, और अन्य लंबित मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने अमानक दवाइयों की होली भी जलाई।
चिकित्सा महासंघ की प्रमुख मांगें क्या थीं?
महासंघ की प्रमुख मांगें थीं – अमानक दवाइयों के निर्माताओं पर एफआईआर दर्ज करना, सातवें वेतनमान का लाभ देना, और नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट को लागू करना।
क्या उच्च न्यायालय ने इस मामले में कोई आदेश पारित किया था?
हां, उच्च न्यायालय ने 4 दिसंबर 2024 को एक कमेटी गठित करने का आदेश दिया था, लेकिन वह कमेटी अब तक गठित नहीं हुई है।
क्या यह प्रदर्शन सिर्फ इंदौर में हो रहा है?
नहीं, यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हो रहा है, और महासंघ ने पहले हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया था।
चिकित्सा महासंघ आगे क्या कदम उठाने की योजना बना रहा है?
महासंघ का कहना है कि उनका प्रदर्शन जारी रहेगा, और वे अपनी मांगों को लेकर आगे भी आवाज उठाएंगे।