MLA Nirmala Sapre। Photo Credit: Wikipedia and NPG
MLA Nirmala Sapre Case: इंदौर। हाई कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और बीना से विधायक निर्मला सप्रे को नोटिस जारी किया है। निर्मला सप्रे की विधायकी को निरस्त करने के लिए पेश की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया है। याचिका में निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने की मांग रखी गई है।
बता दें कि, बिना विधायक निर्मला सप्रे के विरुद्ध नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने याचिका लगाई थी। उमंग सिंघार ने मांग की है कि सागर जिले के बीना से विधायक सप्रे ने दल-बदल किया है, इसलिए उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए। दरअसल, विधायक निर्मला सप्रे लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 5 मई को राहतगढ़ में सीएम डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम में मंच पर पहुंची थी। तब से वे कांग्रेस से दूरी बनाते हुए भाजपा के साथ हैं। लेकिन, औपचारिक रूप से भाजपा की सदस्यता नहीं ली है। इसी वजह से आधिकारिक तौर पर अब भी वो कांग्रेस की विधायक हैं। कांग्रेस ने निर्मला की सदस्यता खत्म कराने को लेकर हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका लगाई है।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा था कि, विधानसभा अध्यक्ष को जुलाई में हमने पत्र दिया था। विधानसभा ने कागज गुमा दिए। 90 दिन बाद भी अध्यक्ष ने कोई निर्णय नहीं लिया इसलिए हमें हाईकोर्ट जाना पड़ा। वहीं, अब बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता को लेकर हाईकोर्ट इंदौर की खंडपीठ में सुनवाई शुरू हो गई है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से जवाब मांगा है। इसमें अगली सुनवाई अगली सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तारीख तय की गई है। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से जवाब देने के लिए 19 दिसंबर को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के महाधिवक्ता इंदौर हाईकोर्ट में तर्क रखेंगे।