मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने ईवी से जुड़ी नयी नीति की झलक दिखाई, कंपनियों के खर्च की अदायगी की जाएगी

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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने ईवी से जुड़ी नयी नीति की झलक दिखाई, कंपनियों के खर्च की अदायगी की जाएगी

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  • Publish Date - April 29, 2022 / 07:24 PM IST,
    Updated On - April 29, 2022 / 07:24 PM IST

इंदौर, 29 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिजली से चलने वाली गाड़ियां (ईवी) और इनके कल-पुर्जे बनाने वाले कारखानों के लिए राज्य की नयी निवेश प्रोत्साहन नीति की झलक शुक्रवार को पेश की। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार बुनियादी ढांचा विकसित करने से लेकर उत्पादों का पेटेंट कराने तक इन औद्योगिक इकाइयों के खर्च की अदायगी करेगी।

चौहान ने प्रदेश सरकार के इंदौर में आयोजित पहले ‘‘मध्यप्रदेश ऑटो शो’’ में कहा,‘‘हम बिजली से चलने वाली गाड़ियों और इनके कल-पुर्जों की इकाइयों के लिए अपनी नयी निवेश प्रोत्साहन नीति बहुत जल्द पेश करेंगे, क्योंकि हमने इस क्षेत्र पर खास ध्यान केंद्रित कर रखा है।’’

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस नीति के तहत निजी जमीन या अविकसित सरकारी भूमि पर ईवी क्षेत्र की नयी औद्योगिक इकाई लगाने के लिए बिजली, पानी और सड़क की व्यवस्था को लेकर उद्योगपति के खर्च की अदायगी करेगी।

चौहान ने कहा कि ईवी क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार किसी उत्पाद के पेंटेट और इसकी गुणवत्ता के प्रमाणीकरण पर संबंधित इकाई को उसके खर्च की भी अदायगी करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ईवी क्षेत्र की नयी इकाइयों को स्टाम्प ड्यूटी और बिजली दरों में रियायत के साथ ही हर कारखाने को उसकी स्थिति के मुताबिक सरकारी प्रोत्साहन मुहैया कराया जाएगा ताकि निवेश को बढ़ावा दिया जा सके।

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार इंदौर के पास स्थित पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र को वाहन विनिर्माण क्षेत्र का अहम वैश्विक केंद्र बनाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार वाहन विनिर्माता आयशर मोटर्स और भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा पीथमपुर में दो एकड़ पर कौशल विकास अकादमी की स्थापना के लिए भवन तथा बुनियादी ढांचा प्रदान करेगी।

चौहान ने यह घोषणा भी की कि राज्य सरकार इंदौर में हर साल ‘ऑटो शो’ आयोजित करेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार मई में अपनी स्टार्ट-अप नीति पेश करने जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके तहत युवा उद्यमियों की नवाचारी कारोबारी परियोजनाओं के लिए पूंजी की व्यवस्था भी की जाएगी।

भाषा हर्ष संतोष

संतोष