इंदौर: Penalty on 4 Tehsildars: मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों का समय पर निराकरण नहीं करने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कलेक्टर द्वारा की गई ई-ऑफिस व्यवस्था की समीक्षा बैठक में लापरवाही सामने आने पर चार तहसीलदारों पर पेनल्टी लगाई गई है।
Penalty on 4 Tehsildars: इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अधिनियम के तहत आने वाले मामलों का समय-सीमा में निपटारा नहीं किया जिससे आम जनता को परेशानी हुई। समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ केस तय समय में लंबित रहे, जो सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं की जवाबदेही में चूक मानी गई।
Penalty on 4 Tehsildars: कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत दर्ज हर मामले का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारा अनिवार्य है, और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ई-ऑफिस प्रणाली लागू किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने समय पर जवाब नहीं दिया या प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से लंबित रखा जिससे यह कार्रवाई अनिवार्य हो गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बाद किसी भी प्रकार की देरी अस्वीकार्य है।
"लोक सेवा गारंटी अधिनियम" एक कानून है जिसके तहत नागरिकों को सरकारी सेवाएं तय समय सीमा के भीतर प्रदान करना अनिवार्य होता है, और समय पर सेवा न देने पर जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई हो सकती है।
इंदौर में किन तहसीलदारों पर पेनल्टी लगाई गई है?
"लोक सेवा गारंटी अधिनियम" के तहत लापरवाही बरतने पर मल्हारगंज, बिचोली, देपालपुर और खुड़ैल के तहसीलदारों पर पेनल्टी लगाई गई है।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों की गई?
संबंधित अधिकारियों ने "लोक सेवा गारंटी अधिनियम" के तहत दर्ज मामलों का समयबद्ध निपटारा नहीं किया, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हुई और ई-ऑफिस प्रणाली के बावजूद देरी पाई गई।
ई-ऑफिस प्रणाली का उद्देश्य क्या है?
"ई-ऑफिस प्रणाली" का उद्देश्य सरकारी कार्यों को डिजिटल रूप से ट्रैक करना और प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है ताकि सेवाओं में देरी न हो।
क्या लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत भविष्य में भी कार्रवाई की जाएगी?
हां, कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि "लोक सेवा गारंटी अधिनियम" के उल्लंघन पर भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी और देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।