MP ki baat
भोपाल: जनता से संवाद करने में महारत, काफी तादाद में कट्टर समर्थक, दूसरे नेताओं से कम उम्र, राजनैतिक अनुभव, मजबूत पारिवारिक पृष्ठभूमि, संपर्क बनाने में माहिर इसे किसी भी राजनैतिक व्यक्ति का कंपलीट पैकेज कहा जा सकता है और इसमें फिट बैठते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया। जो जनआशीर्वाद यात्रा के लिए तीन दिन से मालवा-निमाड़के दौरे पर 3 दिन में इस सफर में सिंधिया ने 4 जिले और 4 लोकसभा सीटें कवर की है। लेकिन उन्हें जिस तरह का समर्थन इस दौरान मिला है उससे बड़ा सवाल ये है कि क्या आलाकमान सिंधिया को और बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है?
आशीर्वाद यात्रा के दौरान बीजेपी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का जबरदस्त स्वागत किया गया। 18 किलोमीटर के दौरान सैकड़ों मंचों से न सिर्फ सिंधिया का स्वागत किया गया बल्कि ड्रोन से फूल भी बरसाए गए। मालवा में सिंधिया के इस शक्ति प्रदर्शन के बाद सियासत में नए समीकरण को लेकर चर्चा शुरु हो गई। क्या ये ग्वालियर-चंबल के बाद मालवा–निमाड़ में सिंधिया की लोकप्रियता और बढ़ाने की कोशिश है? क्या इससे बीजेपी में सिंधिया की स्वीकार्यता बढ़ाई जा रही है? क्या 2023 के चुनावों में सिंधिया बीजेपी के बड़े चेहरे के तौर पर मैदान में होंगे? यहां सवाल ये भी है कि क्या पिछले चुनाव में मालवा-निमाड़ में शिकस्त खाने वाली बीजेपी सिंधिया के जरिए अपना जनाधार बढ़ा रही है? वैसे सत्ता और संगठन में सिंधिया समर्थकों को जिस तरह से जगह दी गई है। उससे इतना तो समझा ही जा सकता है बीजेपी सिंधिया को बड़ी जिम्मेदारी के लिए तैयार कर रही है। वैसे खुद ज्योतिरादित्य सिंधिया इससे इनकार करते हैं।
विधानसभा चुनाव में अभी भले ही 2 साल का वक्त हो लेकिन दोनों ही पार्टियों ने अपने अपने स्तर पर तैयारी शुरु कर दी है। पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ साथ जातिगत समीकरण भी साधे जा रहे हैं और इस हिसाब से ही बड़े नेताओं के अलग अलग क्षेत्रों के दौरे भी तय किए जा रहे हैं।
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