Reported By: Prateek Mishra
,Khandwa Religious Conversion | Photo Credit: AI
खंडवा: Khandwa Religious Conversion मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक मुस्लिम युवक ने इस्लाम की कुछ प्रथाओं से दुःखी होकर सनातन धर्म स्वीकार कर लिया। जिले के महादेवगढ़ मंदिर में अनुष्ठान में युवक बिलाल ने विशाल बनकर अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत की है।
Khandwa Religious Conversion खिरकिया के रहने वाले और पेशे से बस ऑपरेटर बिलाल के इस सफरनामे के पीछे एक लंबी मानसिक कशमकश और हृदय परिवर्तन की कहानी है। बिलाल ने महादेवगढ़ के प्रमुख अशोक पालीवाल के सामने अपनी कहानी बताई और कहा कि वह अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन करना चाहता है।
उसने बताया कि वह बचपन से ही इस्लाम धर्म में बकरीद के त्योहार पर होने वाले बड़े पैमाने पर मूक पशुओं के कत्लेआम से बेहद आहत था। त्योहार के नाम पर बेजुबान जानवरों की बेरहमी से की जाने वाली हत्याएं उसके संवेदनशील मन को झकझोर देती थीं। समय के साथ यह आहत भाव इतना गहरा गया कि उसने सनातन धर्म अपनाने का निश्चय कर लिया।
विशाल ने बताया कि वह काफी समय से खंडवा के प्रसिद्ध महादेवगढ़ मंदिर की महिमा के बारे में सुन रहा था। हाल ही में दो दिन पहले जब पूरे देश और उसके क्षेत्र में बकरीद का त्योहार धूमधाम से मनाया गया, तब वहां दी गई पशुओं की कुर्बानी को देखकर उसका दिल पूरी तरह टूट गया। इसी दौरान चल रहे पुरुषोत्तम मास की मान्यता के बारे में सुना। ऐसा कहा जाता है कि इस महीने में भगवान स्वयं धरती पर आकर विराजते हैं, जिसके बाद उसने सनातन धर्म अपनाने का फैसला किया।
महादेवगढ़ में बिलाल की घर वापसी के लिए एक बेहद भव्य और विधि-विधान पूर्वक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपनयन संस्कार के इस पावन अनुष्ठान में 10 विधि स्नान कराया गया। इस शुद्धिकरण प्रक्रिया में युवक को गंगाजल, गो-दुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ-गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और कोष से स्नान कराया गया। सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच उसकी घर वापसी संपन्न हुई।
इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए महादेवगढ़ में सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्म के कार्यकर्ता और आम श्रद्धालु मौजूद रहे। शुद्धिकरण और उपनयन संस्कार के बाद भगवान महादेव की भव्य महाआरती की गई। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और जय श्री राम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशाल को सनातन जीवन पद्धति को समझने और सही मार्ग पर चलने के लिए पवित्र ग्रंथ रामायण भेंट की गई। बिलाल से विशाल बने युवक ने अब पूरी तरह से हिंदुत्व की राह पर चलने का संकल्प लिया है।