भोपालः मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव हो चुके हैं। नतीजे भी आ चुके हैं। कांग्रेस को 5 शहरों में सरकार बनाने का मौका मिला है। लेकिन बड़ी संख्या में पार्षद प्रत्याशियों की हार हुई है। लिहाजा अब कांग्रेस के भीतर इसकी समीक्षा शुरू हो गई है।
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कांग्रेस ने विधायकों की सिफारिश पर पार्षदी के टिकट बांटे थे। प्रत्याशियों के जीत की जिम्मेदारी भी विधायकों के ही कंधों पर थी। लेकिन पार्षद प्रत्याशियों की हार के बाद अब आलाकमान विधायकों के परफॉर्मेंस की भी समीक्षा कर रहा है। किसने कितने पार्षदों की सिफारिश की और पार्टी ने कितनों को टिकट दिए। जिनको टिकट दिए उनकी हार की वजह क्या रही। कांग्रेस संगठन विधायकों के चुनावों के दौरान कामकाज का फीडबैक भी जुटा रहा है।
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उधर बीजेपी, कांग्रेस को मिली शिकस्त और विधायकों की कमलनाथ के बंगले पर होने वाली परेड को लेकर चुटकी ले रही है। अब कांग्रेस विधायकों के सामने मुश्किल ये है कि पार्टी आलाकमान को वो जवाब क्या दें?