भोपाल, 22 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही निर्धारित तिथि से दो दिन पहले ही बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
विधानसभा का यह पांच दिवसीय सत्र 20 जुलाई को आरंभ हुआ था और यह 24 तक प्रस्तावित था।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि तीन दिन के सत्र के दौरान विधानसभा ने विधायी, वित्तीय और जनहित से जुड़े ज़रूरी कामकाज पूरे किए।
उन्होंने बताया कि सदन ने साल 2026-27 के लिए पहला अनुपूरक बजट भी पास किया।
सत्र के दूसरे दिन विपक्षी पार्टी कांग्रेस के हंगामे के बीच समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक ध्वनि मत से पारित किया गया।
गोवा, असम और उत्तराखंड के बाद मध्यप्रदेश देश का चौथा राज्य है, जिसने विधानसभा से यूसीसी विधेयक पारित किया है।
निर्धारित समय से दो दिन पहले सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार पर तंज कसते हुए कहा भले ही मानसून सत्र समाप्त हो गया, लेकिन जनता के सवाल आज भी अनुत्तरित हैं।
उन्होंने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘अनुपूरक बजट में किसानों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं, युवाओं के रोजगार की कोई चिंता नहीं और 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी सरकार चर्चा से बचती रही।’
सिंघार ने कहा कि सैकड़ों किलोमीटर दूर से विधायक जनता के मुद्दे लेकर सदन में आते हैं, लेकिन इतना कम समय दिया जाता है कि वे अपनी बात भी पूरी तरह नहीं रख पाते और कई प्रश्न और अनुपूरक प्रश्न लंबित रह जाते हैं।
भाषा ब्रजेन्द्र रंजन
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