भोपाल, 16 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी कांग्रेस विधायकों के विरोध के कारण सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
अभिभाषण के दौरान जब राज्यपाल ने प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के संकल्प का उल्लेख किया तो नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आपत्ति जताई और इंदौर में दूषित पेयजल पीने से हुई मौतों का हवाला देते हुए सरकार पर निशाना साधा।
इसके बाद कांग्रेस के अन्य सदस्य भी अपनी सीट से खड़े हो गए और सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
हालांकि, विपक्ष के लगातार नारेबाजी करने के बावजूद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने मेज थपथपाकर सरकार की उपलब्धियों और संकल्पों का समर्थन किया।
राज्यपाल को विदाई देने के बाद जब सदन की कार्यवाही पुनः शुरू हुई, तो अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि राज्यपाल का शेष अभिभाषण पढ़ा हुआ माना जाएगा।
इसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि सत्र का समापन छह मार्च को होगा।
राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में दाखिल अपनी ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में बताया था कि दिसंबर 2025 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली उल्टी-दस्त की बीमारी के कारण 16 लोगों की मौत हुई थी।
भाषा दिमो खारी
खारी