Bhagwan Das Raikwar kon Hai: राई नृत्य को वैश्विक स्तर पर दी नई पहचान, अब मिलेगा पद्मश्री सम्मान, जानिए कौन है भगवानदास रैकवार?

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राई नृत्य को वैश्विक स्तर पर दी नई पहचान, अब मिलेगा पद्मश्री सम्मान, Madhya Pradesh Bhagwan Das Raikwar kon Hai

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  • Publish Date - January 25, 2026 / 05:53 PM IST,
    Updated On - January 25, 2026 / 05:53 PM IST

भोपालः Bhagwan Das Raikwar kon Hai:  केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस से पहले 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस बार देश के 45 हस्तियों को पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा। इसमें मध्यप्रदेश के तीन नाम भी शामिल है। मध्यप्रदेश के भगवान दास रैकवार को राई नृत्य यानी कला के क्षेत्र में, बैतूल जिले के मोहन नागर को शिक्षा के क्षेत्र में और कैलाश चंद्र पंत को साहित्य के क्षेत्र में यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

Bhagwan Das Raikwar kon Hai: बता दें कि बुंदेलखंड के लोक नृत्य ‘राई’ को जीवित रखने वाले वरिष्ठ कलाकार भगवान दास ने दशकों तक इस पारंपरिक नृत्य को सिखाया और देश भर में इसका प्रदर्शन किया। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने के बावजूद, उन्होंने अपनी संस्कृति को मिटने नहीं दिया। कला के ल‍िए सम्‍मान मिला। उन्होंने न सिर्फ खुद इस नृत्य को सीखा और प्रस्तुत किया, बल्कि सागर, दमोह, टीकमगढ़ जैसे इलाकों में घर-घर जाकर युवाओं को सिखाया। उनके नेतृत्व में छत्तरशाल बुंदेलखंड अखाड़ा (रामपुर वार्ड, सागर) ने राई को नया जीवन दिया। ICCR (भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद) की एम्पैनल्ड लिस्ट में उनका नाम ‘अखाड़ा मार्शल आर्ट’ के तहत दर्ज है, लेकिन उनका असली योगदान राई नृत्य को संरक्षित और प्रचारित करने में रहा। उन्होंने भारत पर्व, राज्य स्तर के कार्यक्रमों और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर राई का प्रदर्शन किया। उनकी टीम ने तलवारबाजी, लाठी कला के साथ राई को मिश्रित कर एक अनोखा रूप दिया, जो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।

45 लोगों को मिला सम्मान (Padmashree Awardee in MP)

Bhagwan Das Raikwar kon Hai:  बता दें कि साल 2026 के पद्म अवॉर्ड्स का ऐलान आज होना है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि इस साल 45 लोगों को पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। इनमें मध्य प्रदेश के भगवान दास रायकवार, राजस्थान के गफरुद्दीन मेवाती जम्मू-कश्मीर के ब्रिज लाल भट को गुमनाम नायकों की कैटेगरी में पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। इनके अलावा उत्तर प्रदेश के चिरंजी लाल यादव, गुजरात के धार्मिकलाल चुन्नीलाल पंड्या, छत्तीसगढ़ की बुधरी ताती, ओडिशा के चरण हेम्ब्रम, कर्नाटक के अंके गौड़ा, महाराष्ट्र की अरमिडा फर्नांडिस को भी गुमनाम नायकों की कैटेगरी में पद्मश्री से सम्मानित होंगे।

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