भोपाल, 28 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के निकट रेडियो कॉलर लगे एक बाघ को कथित रूप से जहर देकर मारने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बाघ का शव शुक्रवार को छिंदवाड़ा पश्चिम संभाग के राजस्व क्षेत्र में एक गड्ढे में दबा हुआ मिला।
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) की क्षेत्र निदेशक राखी नंदा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘यह बाघ दिसंबर 2004 में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से लाया गया था और उसने रिजर्व क्षेत्र के बाहर अपना इलाका बना लिया था। पशु को जहर देने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’’
उन्होंने बताया कि आरोपियों ने बाघ के शिकार में जहर मिलाया था। उनका दावा है कि बाघ द्वारा मवेशी मारने से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अवैध अफीम की खेती में भी संलिप्त हैं।
इस बीच, वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने शनिवार को इस मामले में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण तथा मध्यप्रदेश के वन विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को औपचारिक शिकायत भेजी है।
दुबे ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि तीन मार्च से रेडियो कॉलर की गतिविधि नहीं दिख रही थी, लेकिन वन विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “बाघ को शिकारियों ने जहर दिया और उसका शव छिंदवाड़ा दक्षिण वन मंडल के सांगा खेड़ा गांव क्षेत्र में गड्ढे में दबा मिला। यह केवल शिकार का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक और निगरानी तंत्र की गंभीर विफलता का उदाहरण है।”
दुबे ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए एसटीआर की क्षेत्र निदेशक राखी नंदा को हटाने की भी मांग की है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जनवरी से अब तक मध्यप्रदेश में 14 बाघों की मौत हो चुकी है।
भाषा सं दिमो गोला
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