श्योपुर, 14 मई (भाषा) मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में कूनो राष्ट्रीय उद्यान के पास हाल में मृत पाए गए चीते के चार शावकों के तेंदुए के हमले में मारे जाने की आशंका है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि चीता ‘केजीपी12’ से 11 अप्रैल को जन्मे इन शावकों के शव मंगलवार को संरक्षित वन क्षेत्र के बाहर श्योपुर वन मंडल में मिले थे।
‘चीता परियोजना’ के निदेशक उत्तम शर्मा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को फोन पर बताया, ‘‘संभावना है कि शावकों को तेंदुए ने मारा हो। हालांकि, मैं पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक सौ प्रतिशत निश्चित तौर पर यह नहीं कह सकता कि तेंदुए ने ही उन्हें मारा। लेकिन हमले के तरीके और शवों को खाने के तरीके के आधार पर यह सबसे अधिक संभावना है कि हमला तेंदुए ने किया।’’
उन्होंने कहा कि मादा चीता सुरक्षित और स्वस्थ है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में तेंदुओं की संख्या 150 से अधिक है और उद्यान का कोर एवं बफर क्षेत्र मिलाकर 1,777 वर्ग किलोमीटर में फैला है।
विशेषज्ञ पहले भी कूनो में तेंदुओं और चीतों के बीच संभावित संघर्ष की आशंका जता चुके हैं।
उन्होंने हालांकि यह भी बताया कि भारत में ऐतिहासिक रूप से दोनों प्रजातियां साथ-साथ रहती रही हैं।
इन चार शावकों की मौत के बाद कूनो में अब 50 चीते रह गए हैं, जिनमें भारत में जन्मे 33 चीते शामिल हैं।
इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य में तीन चीते हैं।
शर्मा ने बताया, ‘‘बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और अच्छी स्थिति में हैं।’’ भारत में करीब सात दशक पहले चीते विलुप्त हो गए थे।
इसके बाद देश में उनकी आबादी को बढ़ाने के लिए सितंबर 2022 में अंतरमहाद्वीपीय परियोजना शुरू की गई थी।
भाषा सं दिमो मनीषा जितेंद्र
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