मप्र सरकार ने त्विषा शर्मा मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की

मप्र सरकार ने त्विषा शर्मा मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की

मप्र सरकार ने त्विषा शर्मा मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की
Modified Date: May 22, 2026 / 12:39 pm IST
Published Date: May 22, 2026 12:39 pm IST

भोपाल, 22 मई (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले सप्ताह अपने ससुराल में फांसी पर लटकी मिली पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की सिफारिश की है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मध्यप्रदेश के गृह विभाग की ओर से इस संबंध में केंद्र को लिखे गए पत्र में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम में वर्णित शक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रकरण का अनुसंधान राज्य में करने के संबंध में अपनी सहमति प्रदान करती है।

त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में मृत पाई गई थी। उसके परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया, जबकि सिंह परिवार ने दावा किया कि वह ड्रग्स की आदी थी।

पुलिस ने त्विषा के पति समर्थ सिंह और सास व पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2), 85 और 3 (5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।

पुलिस ने फरार पति समर्थ की गिरफ्तारी के लिए सूचना देने वाले को 30,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

इस बीच, इस मामले को लेकर मॉडल से अभिनेत्री बनी अभिनेत्री त्विषा शर्मा और पति समर्थ सिंह के परिवारों के बीच कानूनी लड़ाई भी छिड़ गई है।

दोनों पक्षों ने इस मामले में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का रुख किया।

समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत मांगी है, जबकि त्विषा के परिवार ने उनकी मां गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने का फैसला किया है। गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश और भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं।

भाषा ब्रजेन्द्र

मनीषा

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