Rewa Lokayukta Action: 78 हजार की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर रंगे हाथ गिरफ्तार, ट्रक चालक से मांगी थी 2 लाख की घूस, ऐसे फंसा लोकायुक्त के जाल में

Rewa Lokayukta Action: 78 हजार की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर रंगे हाथ गिरफ्तार, ट्रक चालक से मांगी थी 2 लाख की घूस, ऐसे फंसा लोकायुक्त के जाल में

Rewa Lokayukta Action: 78 हजार की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर रंगे हाथ गिरफ्तार, ट्रक चालक से मांगी थी 2 लाख की घूस, ऐसे फंसा लोकायुक्त के जाल में

Rewa Lokayukta Action: 78 हजार की रिश्वत लेते डिप्टी रेंजर रंगे हाथ गिरफ्तार, ट्रक चालक से मांगे थे घूस, लोकायुक्त के जाल में ऐसे फंसा /image: IBC24

Modified Date: July 25, 2026 / 09:28 pm IST
Published Date: July 25, 2026 9:24 pm IST
HIGHLIGHTS
  • रीवा लोकायुक्त ने वन विभाग के कार्यवाहक डिप्टी रेंजर को ₹78 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया
  • ट्रक छोड़ने और जुर्माना कम कराने के लिए ₹2 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

 रीवा। Rewa Lokayukta Action: एमपी के रीवा लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए वन विभाग के एक कार्यवाहक डिप्टी रेंजर को 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रक छोड़ने और जुर्माना कम कराने के नाम पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
रीवा लोकायुक्त की टीम (Rewa Lokayukta Action) ने शनिवार को सेमरिया रोड स्थित स्वर्णलोक ढाबा के पास ट्रैप कार्रवाई करते हुए वन परिक्षेत्र सिरमौर में पदस्थ कार्यवाहक डिप्टी रेंजर दिनेश कुमार को 78 हजार रुपये की रिश्वत लेते  हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। शिकायतकर्ता नीरज यादव, जो ट्रक चालक हैं, ने 10 जुलाई को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।

ऐसे बिछाया गया जाल

Rewa Lokayukta Actionशिकायत में बताया गया कि 7 जून को त्योंथर वन चौकी पर उनका लकड़ी से लदा ट्रक पकड़ लिया गया था। ट्रक छोड़ने और जुर्माना कम कराने के एवज में कार्यवाहक वनपाल ने 2 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक द्वारा टीम गठित कर ट्रैप की योजना बनाई गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोपी को पहली किस्त के रूप में 78 हजार रुपये दिए, जिसे लेते ही लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.