भोपाल, 15 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार केंद्र की ‘एक भारत, एक आपातकालीन नंबर’ पहल के तहत महिला हेल्पलाइन नंबर 181 और बाल हेल्पलाइन 1098 को आपातकालीन प्रतिक्रिया सहायता प्रणाली (ईआरएसएस) नंबर 112 के साथ जोड़ रही है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा उठाए जा रहे इस कदम से 18 साल से कम उम्र की कोई भी महिला या बच्चा या उनकी ओर से कोई भी व्यक्ति 181, 1098 या 112 टोल फ्री पर फोन करके सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे तत्काल सहायता प्राप्त कर सकेगा।
उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन 181 का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को तत्काल सहायता और राहत प्रदान करना है और यह राज्य के सभी ‘वन स्टॉप सेंटर’ के साथ एकीकृत है, जो एक ही मंच से पुलिस, अस्पतालों, एम्बुलेंस, जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, सुरक्षा अधिकारियों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है।
अधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल, 2025 से इस साल 29 जनवरी के बीच, हेल्पलाइन ने 1.28 लाख महिलाओं को सहायता प्रदान की है।
उन्होंने कहा, ‘‘बाल हेल्पलाइन 1098 को भी ईआरएसएस-112 से जोड़ा गया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त कॉल को उत्तरदाताओं द्वारा उनकी प्रकृति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। आपात स्थिति में कॉल तुरंत ईआरएसएस-112 और जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीयू) को भेज दी जाती है।’’
अधिकारी ने बताया कि 2025-26 में इस साल 29 जनवरी तक 26,974 बच्चों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। इसमें सुरक्षा, परामर्श, पुनर्वास शामिल है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रौद्योगिकी आधारित सहायता प्रणालियों के माध्यम से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है।
भाषा ब्रजेन्द्र सुरभि
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