मप्र : इधर मालिक की अर्थी उठी और उधर ‘डुग्गू’ की सांसें थम गईं

मप्र : इधर मालिक की अर्थी उठी और उधर 'डुग्गू' की सांसें थम गईं

मप्र : इधर मालिक की अर्थी उठी और उधर ‘डुग्गू’ की सांसें थम गईं
Modified Date: July 13, 2026 / 10:12 pm IST
Published Date: July 13, 2026 10:12 pm IST

बैतूल, 13 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के बैतूल में अपने मालिक की मौत के सदमे में एक पालतू कुत्ते ‘डुग्गू’ की भी मौत हो गई। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र में रविवार शाम हुई इस घटना ने परिजनों और स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रदीप जैन (67) का भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उपचार के दौरान रविवार को निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर रविवार शाम बैतूल लाया गया।

परिवार के एक सदस्य ने बताया कि अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान ‘डुग्गू’ अपने मालिक के पार्थिव शरीर के पास से हटने को तैयार नहीं था। उसकी बेचैनी को देखते हुए परिजनों ने उसे कुछ देर के लिए दूसरे कमरे में बंद कर दिया, लेकिन बाद में उसकी व्याकुलता देखकर बाहर निकाल दिया।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि जब अंतिम यात्रा शुरू हुई तो ‘डुग्गू’ भी कुछ दूर तक अर्थी के साथ चला। इसके बाद वह अचानक निढाल होकर जमीन पर लेट गया।

उन्होंने बताया कि पहले लोगों को लगा कि वह बेहोश हो गया है, लेकिन जांच करने पर पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है।

परिजनों और स्थानीय लोगों के अनुसार, इसके बाद ‘डुग्गू’ की भी अर्थी सजाई गई और दोनों की अंतिम यात्रा साथ निकाली गई। गंज मोक्षधाम में प्रदीप जैन का हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया, जबकि श्मशान परिसर के समीप ‘डुग्गू’ को सम्मानपूर्वक दफनाया गया।

परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि ‘डुग्गू’ केवल एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य था।

दिवंगत प्रदीप जैन के छोटे भाई दिलीप जैन ने बताया कि उनके बड़े भाई ने ‘डुग्गू’ को बचपन से पाला था और पिछले 15 वर्षों में दोनों के बीच गहरा लगाव बन गया था।

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी भैया बीमार पड़ते थे, ‘डुग्गू’ भी उदास और सुस्त हो जाता था। उनका लगाव इतना गहरा था कि आखिरी समय तक उसने उनका साथ नहीं छोड़ा और उनके साथ ही इस दुनिया से विदा हो गया।’’

भाषा

सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत


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