अवमानना मामले में भाजपा विधायक को पेशी से छूट देने से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का इनकार

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अवमानना मामले में भाजपा विधायक को पेशी से छूट देने से मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का इनकार

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  • Publish Date - May 15, 2026 / 12:02 AM IST,
    Updated On - May 15, 2026 / 12:02 AM IST

जबलपुर, 14 मई (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और खनन कारोबारी संजय पाठक को उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना के मामले में व्यक्तिगत पेशी से छूट देने से बृहस्पतिवार को इनकार कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ के सामने पाठक पेश हुए ।

उनके वकील ने विधायक के व्यस्त कार्यक्रम का हवाला देते हुए 15 जुलाई को अगली सुनवाई के दौरान उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट देने का अनुरोध किया। लेकिन पीठ ने याचिका खारिज कर दी।

कटनी के आशुतोष दीक्षित ने एक याचिका दायर की थी जिसमें कहा गया था कि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने पिछले साल सितंबर में पाठक से जुड़ी एक कंपनी से जुड़े कथित अवैध खनन के मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।

अपने आदेश में न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। न्यायमूर्ति मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए मामले से खुद को अलग कर लिया और निर्देश दिया कि इस मुद्दे को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाए।

याचिका में कहा गया है कि विधायक के आचरण ने न्यायपालिका की गरिमा को धूमिल किया है और न्यायिक कार्य में उनका हस्तक्षेप आपराधिक अवमानना के समान है।

उच्च न्यायालय ने दो अप्रैल को भाजपा विधायक के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही दर्ज करने का निर्देश दिया था।

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान पाठक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए हलफनामा दाखिल किया था और बिना शर्त माफी मांगी थी।

भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार