जयपुर, 14 मई (भाषा) राजस्थान के पेट्रोल पंप डीलरों ने आरोप लगाया है कि तेल विपणन कंपनियों ने खुदरा दुकानों पर ईंधन की आपूर्ति घटा दी है और उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर अनौपचारिक सीमा लगा दी है।
डीलरों ने चेतावनी दी है कि यह कदम पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा कर सकता है।
बृहस्पतिवार को तेल कंपनियों को दिए गए एक ज्ञापन में ‘राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन’ ने कहा कि डीलरों को मोबाइल संदेशों और मौखिक निर्देशों के माध्यम से व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को ईंधन बिक्री सीमित करने के लिए कहा जा रहा है।
एसोसिएशन के महासचिव शशांक कोरानी के अनुसार, ‘इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ ने कथित तौर पर डीलरों को प्रति उपभोक्ता डीजल बिक्री 50,000 रुपये और पेट्रोल बिक्री 5,000 रुपये तक सीमित करने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि ‘भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ ने कथित तौर पर पेट्रोल बिक्री 49 लीटर और डीजल बिक्री 200 लीटर तक सीमित की है तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा भी इसी तरह के प्रतिबंध बताए गए हैं।
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यदि डीलर निर्धारित सीमा से अधिक ईंधन बेचते हैं तो पंपों की आपूर्ति रोक दी जाती है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रतिबंधों को लेकर केंद्र, राज्य सरकार या तेल कंपनियों की ओर से कोई लिखित निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
डीलरों के संगठन ने चेतावनी दी कि यह कदम पेट्रोल पंपों पर अशांति पैदा कर सकता है और कानून-व्यवस्था बिगाड़ सकता है।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि पेट्रोल पंपों को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत न्यूनतम स्टॉक बनाए रखना होता है, लेकिन डिपो से आपूर्ति घटने के कारण पंप खाली हो रहे हैं, जिससे डीलरों पर कार्रवाई का खतरा है।
संगठन ने तेल कंपनियों से लिखित दिशा-निर्देश जारी करने और उपभोक्ताओं में भ्रम से बचने तथा विवाद रोकने के लिए अखबारों के माध्यम से जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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